देश में एक मात्र विराजमान चांदी के गणपति
108 किलो चांदी के गणपति
नासिक मे विराजमान है गौरी नंदन की चाँदी की मूर्ति
107वर्षों पहले भक्तो ने मिलकर की थी चाँदी के गणपति की स्थापना
महाराष्ट्र के नासिक मे विराजमान है सिद्धविनायक का स्वरूप चाँदी का बना हुआ जिनके दर्शन मात्र से सभी प्रकार के विपत्तियों का नाश हो जाता है और सुख सम्पत्ति का आशीर्वाद मिलता है ऐसी मान्यता है
नासिक मे रविवार करंजा मे व्यापारियों ने मिलकर चंदाकरके चाँदी की गणेश मूर्ति बैठाई थी उस समय सिर्फ यह मूर्ति 2 किलो चाँदी की थी और आज यह मूर्ति 251किलो चाँदी की हो गई लोगो की मान्यता है चाँदी के गणपति के दर्शन से सभी प्रकार की विपत्तियों का नाश होजाता है इस गणपति को नासिक के पहले गणपति का मान मिला हुआ आज देखते ही देखते विशाल मंदिर बन गया गणेश चतुर्थी पर आज सुबह से ही भक्तो की भीड़ दर्शन के लिये लगी हुई है मंदिर और मूर्ति को रंग बिरंगे फूलों से सजाया गया है इस मंदिर मे दिन मे दो बार महाआरती होती है और महाप्रसाद वितरित किया जाता है ट्रस्ट द्वारा दान मे आई हुई राशि से गरीब बच्चो के पढ़ाई का खर्च उठाया जाता है
वॉकथ्रू संदीप द्विवेदी
बाइट.. पुजारी
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
देश में एक मात्र विराजमान चांदी के गणपति 108 किलो चांदी के गणपति
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