तुर्भे में ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्रोजेक्ट के खिलाफ सुरेश कुलकर्णी सहित दर्जनों का आमरण अनशन, संस्थाओं का समर्थन
नवी मुंबई ।तुर्भे स्टोर क्षेत्र में प्रस्तावित वेस्ट टू एनर्जी (WTE) और CBG प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध अब और तेज हो गया है। वरिष्ठ नगरसेवक सुरेश कुलकर्णी ने प्रशासन के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाते हुए सोमवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उनके समर्थन में दर्जनों स्थानीय नागरिक भी अनशन पर बैठ गए हैं।
सुरेश कुलकर्णी ने कहा कि तुर्भे के लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इस खतरनाक प्रोजेक्ट को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे स्थानीय नागरिकों, संस्थाओं और मंडलों द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन में खुद मैदान में उतरकर शामिल हुए हैं।
कुलकर्णी ने आरोप लगाया कि इस प्रोजेक्ट के कारण बनने वाले बफर ज़ोन से हजारों झोपड़पट्टीवासियों के पुनर्वास का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। यह लोगों को उनके हक के घर से वंचित करने की साजिश है उन्होंने यह भी याद दिलाया कि करीब 15 साल पहले कोपरखैरने से डंपिंग ग्राउंड तुर्भे पर स्थानांतरित किया गया था, और अब एक नए प्रोजेक्ट के नाम पर फिर से नागरिकों पर अन्याय किया जा रहा है।
महापालिका प्रशासन पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि बिना जनसुनवाई के इस प्रोजेक्ट को जबरन आगे बढ़ाया जा रहा है। चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक को अचानक रद्द कर प्रशासन ने केवल समयकाटू रवैया अपनाया और दिखावा किया है।
इस विरोध के तहत सुरेश कुलकर्णी सोमवार सुबह 10 बजे से तुर्भे स्टोर स्थित शिवसेना शाखा क्रमांक 1 के पास आमरण अनशन पर बैठे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक इस घातक WTE और CBG प्रोजेक्ट तथा पूरे डंपिंग ग्राउंड को तुर्भे स्टोर से हटाने का लिखित निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनशन समाप्त नहीं किया जाएगा।इस आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय नागरिकों का समर्थन मिल रहा है, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
