RTI कार्यकर्ता पर ही अवैध अतिक्रमण के आरोप, सिस्टम की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
नवी मुंबई: जब सवाल पूछने वाला ही सवालों के घेरे में आ जाए, तो मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे सिस्टम की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर असर डालता है। ऐसा ही एक मामला नवी मुंबई के घनसोली क्षेत्र से सामने आया है, जहां एक RTI कार्यकर्ता पर ही अवैध अतिक्रमण के गंभीर आरोप लगे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घनसोली निवासी RTI कार्यकर्ता भास्कर जरेकर पर आरोप है कि उन्होंने फुटपाथ पर अवैध रूप से दो स्टॉल स्थापित किए हैं। यह आरोप किसी आम नागरिक ने नहीं, बल्कि स्वयं RTI कार्यकर्ता राजीव मिश्रा ने लगाए हैं।
राजीव मिश्रा का कहना है कि जिन फुटपाथों का उपयोग आम नागरिकों के आवागमन के लिए होता है, वहां इस तरह का अतिक्रमण न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि सार्वजनिक सुविधाओं पर भी अतिक्रमण है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इन स्टॉल्स को महावितरण (MSEB) द्वारा बिजली कनेक्शन भी प्रदान किया गया है।
मिश्रा ने सवाल उठाया है कि आखिर किन नियमों और प्रक्रियाओं के तहत इन कथित अवैध स्टॉल्स को बिजली कनेक्शन दिया गया? क्या संबंधित विभागों ने बिना उचित जांच के ही कनेक्शन स्वीकृत कर दिया?
उन्होंने भास्कर जरेकर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए महावितरण प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि RTI कानून एक मजबूत और प्रभावी उपकरण है, लेकिन यदि इसका दुरुपयोग किया जाता है, तो इससे इसकी विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
