पीएम मोदी के घरेलू पर्यटन अभियान से बढ़ेगी विदेशी मुद्रा आय और होटल निवेश: एचएआई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारतीयों से छुट्टियां, कॉन्फ्रेंस, शादी और अन्य आयोजनों के लिए देश के भीतर पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देने की अपील को होटल उद्योग ने बड़ा आर्थिक अवसर बताया है। होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एचएआई) का कहना है कि यह पहल भारत के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश, रोजगार और विदेशी मुद्रा आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की पहल से उद्योग को उम्मीद
एचएआई ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यह पहल ऐसे समय में आई है, जब वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता, धीमी आर्थिक वृद्धि और बदलते ट्रैवल पैटर्न अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार को प्रभावित कर रहे हैं। संगठन के अनुसार, भारत के पास दुनिया के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल होने का बड़ा अवसर है।
विदेशी पर्यटकों से बढ़ेगी विदेशी मुद्रा आय
उद्योग संगठन ने कहा कि भारत अवकाश, बिजनेस, मेडिकल और आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मजबूत वैश्विक पहचान बना सकता है। विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, खानपान, स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन, रिटेल और मनोरंजन क्षेत्रों में खर्च बढ़ेगा, जिससे देश की विदेशी मुद्रा आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। एचएआई का अनुमान है कि लगातार बढ़ते पर्यटन के चलते आने वाले वर्षों में पर्यटन से जुड़ी विदेशी मुद्रा आय में 25 से 30% तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
होटल, रिसॉर्ट और पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ेगा निवेश
संगठन ने कहा कि घरेलू पर्यटन को बढ़ावा मिलने से होटल, रिसॉर्ट, कन्वेंशन सेंटर, वेलनेस रिट्रीट और अन्य पर्यटन इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े पैमाने पर निवेश की संभावना बनेगी। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
भारत बन सकता है वैश्विक पर्यटन गंतव्य
होटल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और रेडिसन होटल ग्रुप के दक्षिण एशिया चेयरमैन के.बी. काचरू ने कहा कि आने वाले वर्षों में भारत के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की वृद्धि में विदेशी पर्यटकों की भूमिका बेहद अहम होगी। उन्होंने कहा कि विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और शानदार अनुभवों के दम पर भारत खुद को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित कर सकता है।
विदेशी निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
एचएआई ने कहा कि भारत की स्थिर लोकतांत्रिक व्यवस्था, सांस्कृतिक विविधता और बेहतर होता इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक यात्रियों को आकर्षित कर रहा है। उद्योग जगत के नेताओं का मानना है कि इससे हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दीर्घकालिक विदेशी निवेश, तकनीकी साझेदारी और वैश्विक विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा। काचरू ने कहा कि होटल और पर्यटन क्षेत्र में विदेशी निवेश से निर्माण, लॉजिस्टिक्स, टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों को भी लाभ होगा और बड़े पैमाने पर स्थायी रोजगार पैदा होंगे।
‘विजन 2047’ के लिए आसान नीतियों की जरूरत
एचएआई ने कहा कि भारत के ‘विजन 2047’ रोडमैप के तहत पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की पूरी क्षमता को सामने लाने के लिए तेज मंजूरी प्रक्रिया, स्पष्ट नियम और लक्षित प्रोत्साहन जरूरी होंगे।
