ग्रेटर नोएडा में इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026 का आगाज, ग्रीन एनर्जी पर मंथन

भारत के बायोएनर्जी क्षेत्र को नई दिशा देने और स्वच्छ ऊर्जा में निवेश व तकनीकी सहयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को ग्रेटर नोएडा में तीन दिवसीय ‘इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो 2026’ का आगाज हो गया। 11 से 13 अगस्त तक इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित इस वैश्विक आयोजन में देश-विदेश के नीति-निर्माता, उद्योग जगत के दिग्गज, निवेशक, तकनीकी विशेषज्ञ, टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर्स और इनोवेटर्स एक मंच पर जुटेंगे।
लो कार्बन वर्ल्ड के लिए बायोएनर्जी समाधान
‘लो कार्बन वर्ल्ड के लिए बायोएनर्जी समाधानों को आगे बढ़ाना’ थीम पर आयोजित इस एक्सपो का आयोजन इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (आईएफजीई) और उत्तर प्रदेश न्यू एंड रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (यूपीएनईडीए) की ओर से किया जा रहा है। एक्सपो में बायोएनर्जी सेक्टर की नवीनतम तकनीकों, उत्पादों और भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा। कार्यक्रम में भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों, नेट जीरो की दिशा में प्रयासों और बायोएनर्जी आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी चर्चा होगी।
उत्तर प्रदेश पर पहले दिन विशेष फोकस
आयोजन के पहले दिन उत्तर प्रदेश को केंद्र में रखकर विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें ई20 से आगे के उभरते अवसर, कार्बन कैप्चर एंड यूटिलाइजेशन और डिस्टिलरी से अधिकतम मूल्य प्राप्त करने जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार रखेंगे। वहीं, 12 अगस्त को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक्सपो के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने का प्रस्तावित कार्यक्रम है।
बायोमास और ग्रीन हाइड्रोजन पर मंथन
एक्सपो के दूसरे दिन सीईओ राउंडटेबल के साथ बायोमास, कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी), ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल फ्यूल जैसे विषयों पर चर्चा होगी। वहीं, तीसरे और अंतिम दिन छठे ‘इंडिया ग्रीन एनर्जी अवार्ड्स’ का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा ग्रीन हाइड्रोजन, सीबीजी, बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोमास और कार्बन मार्केट जैसे क्षेत्रों पर भी विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे।
किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष सत्र
एक्सपो में ‘भारतीय खेत: ग्रीन एनर्जी क्रांति और किसानों की आय को बढ़ावा’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित होगा। इसमें कृषि अवशेषों के उपयोग, किसानों की आय बढ़ाने, टिकाऊ फीडस्टॉक इकोसिस्टम विकसित करने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर मंथन किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, कृषि अवशेषों को ऊर्जा उत्पादन से जोड़ना ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है।
150 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल
तीन दिवसीय आयोजन में 25 से अधिक कॉन्फ्रेंस सेशन और 120 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय वक्ताओं के शामिल होने की संभावना है। एक्सपो में 150 से अधिक प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं, जबकि एक हजार से अधिक प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा 15 हजार से अधिक व्यावसायिक आगंतुकों के पहुंचने की संभावना जताई गई है।
उत्तर प्रदेश को बायोएनर्जी हब बनाने की दिशा में कदम
इस एक्सपो को उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख बायोएनर्जी हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और बड़ी मात्रा में उपलब्ध बायोमास संसाधनों के कारण कृषि अवशेषों से ऊर्जा उत्पादन, इथेनॉल, सीबीजी और अन्य जैव-ईंधन परियोजनाओं के विस्तार की व्यापक संभावनाएं हैं। एक्सपो के जरिए निवेशकों, तकनीकी कंपनियों और वैश्विक उद्योग जगत को उत्तर प्रदेश में मौजूद संभावित अवसरों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
बायोएनर्जी परियोजनाओं के विस्तार से कृषि अवशेषों की सप्लाई चेन मजबूत होने, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने और किसानों की आय में अतिरिक्त वृद्धि की संभावनाएं हैं। तीन दिवसीय यह आयोजन केवल प्रदर्शनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नीति संवाद, तकनीकी साझेदारी, निवेश और उद्योग सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में भी काम करेगा।
