ब्रेकिंग न्यूज रामपुर।गुरु से ज्ञान तक जैसी प्रदर्शनियां हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक आमजन विशेषकर विद्यार्थी,युवा पीढ़ी को जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं,,सुमन तोमर।






रामपुर/शिक्षक दिवस के अवसर पर रामपुर रज़ा पुस्तकालय में भारतीय गुरु-शिष्य परंपरा, शिक्षा के महत्व तथा ज्ञान की समृद्ध विरासत को रेखांकित करने वाली विशेष प्रदर्शनी “गुरु से ज्ञान तक” का आज भव्य शुभारंभ किया गया। प्रदर्शनी का उद्घाटन श्रीमती सुमन तोमर, प्रधानाचार्या, दयावती मोदी अकादमी, रामपुर द्वारा किया गया।
भारत के महान शिक्षाविद्, दार्शनिक एवं भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर आयोजित इस विशेष प्रदर्शनी के माध्यम से भारतीय समाज एवं संस्कृति में गुरु के महत्व तथा ज्ञान के संरक्षण, संवर्धन और एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक उसके हस्तांतरण की गौरवशाली परंपरा को प्रदर्शित किया गया है।
“गुरु से ज्ञान तक” प्रदर्शनी भारतीय शिक्षा परंपरा की उस निरंतर यात्रा को सामने लाती है, जिसमें ज्ञान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गुरु से शिष्य तक और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित होता रहा है। भारतीय सभ्यता में गुरु को ज्ञान, संस्कार, अनुशासन, चरित्र निर्माण और जीवन-मूल्यों का मार्गदर्शक माना गया है। प्राचीन गुरुकुल परंपरा से लेकर आधुनिक शिक्षा व्यवस्था तक शिक्षकों ने समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रदर्शनी इसी गौरवशाली परंपरा को ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास है।
प्रदर्शनी में शिक्षा, ज्ञान-विज्ञान, गुरु-शिष्य परंपरा तथा भारतीय बौद्धिक एवं सांस्कृतिक विरासत से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री प्रदर्शित की गई है। प्रदर्शित सामग्री के माध्यम से आगंतुकों को यह जानने और समझने का अवसर मिलेगा कि भारत में ज्ञान का सृजन, संरक्षण एवं प्रसार विभिन्न कालखंडों में विद्वानों, शिक्षकों, गुरुओं, शिष्यों और ज्ञान संस्थानों के माध्यम से किस प्रकार होता रहा है।
इस अवसर पर डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को भी विशेष रूप से स्मरण किया गया। वे एक महान दार्शनिक, शिक्षाविद् एवं विचारक होने के साथ-साथ शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण के प्रबल समर्थक थे। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित यह प्रदर्शनी उनके शिक्षा संबंधी विचारों और शिक्षकों के प्रति सम्मान की भावना को भी अभिव्यक्त करती है।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए श्रीमती सुमन तोमर ने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को विषय का ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं होते, बल्कि वे उनके व्यक्तित्व, विचार, दृष्टिकोण और जीवन-मूल्यों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। भारतीय परंपरा में गुरु को जो सम्मान प्राप्त है, वह हमारी शिक्षा और संस्कृति की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जब नई पीढ़ी आधुनिक तकनीक और ज्ञान के नए माध्यमों से तेजी से जुड़ रही है, तब उसे अपनी समृद्ध ज्ञान परंपरा और गुरु-शिष्य संस्कृति से परिचित कराना अत्यंत आवश्यक है। कहा कि रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय केवल पुस्तकों और पांडुलिपियों के संरक्षण का संस्थान नहीं है, बल्कि देश की समृद्ध बौद्धिक, साहित्यिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि “गुरु से ज्ञान तक” जैसी प्रदर्शनियां हमारी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आमजन, विशेषकर विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
इस अवसर पर प्रदर्शनी के मुख्य समन्वयक अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में गुरु का स्थान सदैव सर्वोच्च रहा है। गुरु-शिष्य परंपरा ने भारत में शिक्षा, साहित्य, दर्शन, विज्ञान, कला और संस्कृति के विकास को दिशा प्रदान की है। ऐसी प्रदर्शनियां नई पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराने के साथ-साथ ज्ञान के प्रति सम्मान और जिज्ञासा की भावना विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। प्रदर्शनी को विशेष रूप से विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों तथा इतिहास, साहित्य एवं भारतीय संस्कृति में रुचि रखने वाले लोगों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह विशेष प्रदर्शनी 05 सितंबर 2026 से 11 सितंबर 2026 तक रामपुर रज़ा पुस्तकालय एवं संग्रहालय के दरबार हॉल में आयोजित की जा रही है। पुस्तकालय प्रशासन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, शोधार्थियों, साहित्य एवं इतिहास प्रेमियों तथा आमजन से प्रदर्शनी का अवलोकन करने की अपील की है। कहा कि शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित “गुरु से ज्ञान तक” प्रदर्शनी शिक्षकों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा की उस महान विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है, जिसमें ज्ञान को मानव जीवन के विकास, चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का सफल संचालन मिस शाज़िया हसन द्वारा किया गया।
