नासिक सिंहस्थ कुम्भ के नाम पर फर्जीवाडा कर 600 करोड के फर्जी वर्क आर्डर जारी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपी मे एक महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन का रिश्तेदार
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने खुलासा किया कि नाशिक और त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले के नाम पर 500 से 600 करोड़ रुपये के फर्जी वर्क ऑर्डर (बनावट टेंडर) बांटने वाला एक बड़ा ठगी रैकेट सामने आया है। कुछ ठेकेदारों ने जब उनसे मिलकर शिकायत की, तब उन्होंने अधिकारियों के नाम पर बने इन फर्जी दस्तावेजों का भंडाफोड़ किया और पुलिस को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए।
मुख्य खुलासे और बयान
फर्जी वर्क ऑर्डर का पर्दाफाश: मंत्री के पास कुछ कंत्राटदार (ठेकेदार) आए थे जिनके हाथ में 100 से 150 करोड़ रुपये के वर्क ऑर्डर थे। जांच करने पर पता चला कि उन पर अधिकारियों के फर्जी नाम और डिजिटल हस्ताक्षर का इस्तेमाल किया गया था, और उन पर जरूरी क्यूआर कोड भी गायब था।
किसके नाम का दुरुपयोग: ये फर्जी कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) विभागीय महसूल आयुक्त प्रवीण गेडाम और कुंभमेळा प्राधिकरण आयुक्त शेखर सिंह के नाम से बनाए गए थे।
किसका हाथ: गिरीश महाजन ने बताया कि इस ठगी के पीछे जलगाव, जामनेर, धुळे और अन्य जगहों के कुछ शातिर लोगों की एक टोळी शामिल है जो ठेकेदारों को ऑफलाइन ऑर्डर देकर पैसे ऐंठ रही है।
प्रशासनिक निर्देश: महाजन ने स्पष्ट किया कि कुंभमेळे की सभी निविदाएं (टेंडर) और प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होती हैं। इसलिए ठेकेदारों को ऐसी किसी भी ऑफलाइन या फर्जी वर्क ऑर्डर के झांसे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को इस मामले में तुरंत कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इसमे मेरा एक दुर का रिश्तेदार है उसका नाम तनय महाजन है जिसका रेकॉर्ड पहले से खराब है और जामनेर के और चार-पाच लोग है जिनकी तलाश जारी है।
कम से कम छह सात लोग जामनेर के इस मे शामिल है।
इसमे किसी को भी छोडा नही जायेगा चाहे वह रिश्तेदार ही क्यू ना हो।
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
गिरीश महाजन कुम्भ मंत्री महाराष्ट्र
