विश्व पर्यावरण दिवस पर उपराष्ट्रपति ने की ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशवासियों से ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में शामिल होने और वृक्षारोपण के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित एवं टिकाऊ भविष्य के निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।
राष्ट्रपति भवन में किया पौधारोपण
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उपराष्ट्रपति ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत राष्ट्रपति भवन में पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण की रक्षा और संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति का छोटा प्रयास भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव ला सकता है।
पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान
सी.पी. राधाकृष्णन ने जीवन के सभी क्षेत्रों से जुड़े लोगों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने और स्थिरता को दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और उनका जिम्मेदारीपूर्ण उपयोग समय की आवश्यकता है।
भारतीय सभ्यता का मूल संदेश है प्रकृति के साथ सामंजस्य
उपराष्ट्रपति ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि भारत की सभ्यतागत परंपरा सदियों से मानवता को प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर रहने की सीख देती रही है। उन्होंने प्राचीन तमिल ग्रंथ तिरुक्कुरल का उल्लेख करते हुए कहा कि संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग और सभी जीवित प्राणियों की रक्षा का संदेश भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों में गहराई से निहित है।
सामूहिक प्रयासों से बनेगा हरित भविष्य
राधाकृष्णन ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूत करने और दैनिक जीवन में सतत एवं पर्यावरण-अनुकूल प्रथाओं को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हरित, स्वस्थ और समृद्ध भविष्य के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं और यही आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर पर्यावरण सुनिश्चित करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
