भारत टेक्स 2026 में रिकॉर्ड कारोबार और वैश्विक भागीदारी, भारत बना वैश्विक टेक्सटाइल हब का केंद्र

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत टेक्स 2026 के पहले तीन दिनों में अभूतपूर्व व्यावसायिक सफलता और भारी जनभागीदारी दर्ज की गई। विश्व के सबसे बड़े एकीकृत वस्त्र एवं परिधान आयोजन में देश-विदेश के खरीदारों, निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और नीति-निर्माताओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। आयोजन ने भारत को वैश्विक वस्त्र सोर्सिंग, विनिर्माण, नवाचार और निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत पहचान दिलाई।
95,000 से अधिक व्यावसायिक आगंतुक पहुंचे
16 लाख वर्ग फुट से अधिक क्षेत्र में आयोजित भारत टेक्स 2026 में 1,647 प्रदर्शकों, करीब 95,000 व्यावसायिक आगंतुकों, 11,315 खरीदारों, 3,461 प्रतिनिधियों और 138 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इनमें 6,090 अंतरराष्ट्रीय खरीदार भी शामिल रहे। पहले तीन दिनों में 28,500 से अधिक बी2बी बैठकें, 100 से अधिक बी2जी और जी2जी वार्ताएं तथा कई निवेश संबंधी चर्चाएं आयोजित हुईं।
14,300 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को मिली गति
आयोजन के दौरान लगभग 14,300 करोड़ रुपए के कपड़ा निवेश प्रस्तावों को बढ़ावा मिला। कर्नाटक, बिहार, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों ने 30 से अधिक समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके अलावा आरई एंड यूपी ने भारत में 4,800 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की। आयोजन के दौरान लगभग 2.8 बिलियन डॉलर के गंभीर व्यावसायिक प्रस्ताव भी प्राप्त हुए।
राज्यों और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की सक्रिय भागीदारी
भारत टेक्स 2026 में बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु राज्य भागीदार के रूप में शामिल हुए। वहीं न्यूजीलैंड, श्रीलंका, रूस, कंबोडिया, पुर्तगाल सहित कई देशों के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों और अमेरिका, ब्रिटेन, जापान, इटली, फ्रांस, जर्मनी, दक्षिण कोरिया तथा संयुक्त अरब अमीरात समेत 30 से अधिक अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रतिनिधिमंडलों ने भी भागीदारी की।
ज्ञान सत्रों में ईएसजी, एआई और टेक्निकल टेक्सटाइल पर चर्चा
सम्मेलन के दौरान 600 से अधिक नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और कॉर्पोरेट प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 100 से अधिक ज्ञान सत्र आयोजित किए गए। इनमें वैश्विक व्यापार, स्थिरता, सर्कुलर अर्थव्यवस्था, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जिम्मेदार सोर्सिंग, निवेश और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
युवा नवोन्मेषकों ने पेश किए तकनीकी समाधान
टीबीडी पवेलियन में आयोजित टेक्निकल टेक्सटाइल हैकाथॉन प्रमुख आकर्षण रहा। इसमें देशभर के छात्रों और नवोन्मेषकों ने किसानों के लिए सुरक्षात्मक वस्त्र, मधुमेह के घावों की देखभाल के उत्पाद और अत्यधिक ठंड के लिए हल्के इंसुलेटेड गद्दों जैसे नवाचार प्रस्तुत किए। केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह और केंद्रीय वस्त्र एवं विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने इस पहल की सराहना की।
एमएसएमई और बुनकरों को मिला वैश्विक मंच
भारत टेक्स 2026 के तहत देश के आकांक्षी जिलों के 250 से अधिक उद्यमियों और बुनकरों के लिए विशेष अनुभव यात्राएं आयोजित की गईं। इस पहल के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, प्रदर्शकों और उद्योग विशेषज्ञों से सीधे जुड़ने तथा गुणवत्ता, ब्रांडिंग, नवाचार और निर्यात अवसरों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिला।
भारत-यूरोप टेक्सटाइल सहयोग को मिली नई दिशा
आयोजन के दौरान भारत टेक्स ट्रेड फेडरेशन (बीटीटीएफ) और प्रीमियर विजन पेरिस के बीच आशय पत्र (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत और यूरोप के बीच वस्त्र व्यापार, टिकाऊ सोर्सिंग, डिजाइन सहयोग और बाजार पहुंच को मजबूत करना है, जिससे भारतीय निर्माताओं और एमएसएमई के लिए नए वैश्विक अवसर खुलेंगे।
स्थिरता और भारतीय ब्रांड रहे आकर्षण का केंद्र
सीएमएआई के ‘ब्रांड्स ऑफ इंडिया’ पवेलियन में 70 से अधिक प्रमुख भारतीय परिधान ब्रांडों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। वहीं ‘इको-स्टिच सस्टेनेबिलिटी एंड सर्कुलरिटी हब’ के माध्यम से टिकाऊ और सर्कुलर टेक्सटाइल इकोसिस्टम पर विशेष जोर दिया गया। सम्मेलन में भारतीय हथकरघा, हस्तशिल्प और पारंपरिक वस्त्रों को वैश्विक प्रीमियम ब्रांड के रूप में स्थापित करने पर भी व्यापक चर्चा हुई।
