महंगे टिकटों के बावजूद फीफा विश्व कप में उमड़ा फैंस का सैलाब, प्रशंसकों ने खोली जेब

फीफा विश्व कप के फाइनल के साथ ही ऐसा टूर्नामेंट समाप्त होने जा रहा है, जिसमें प्रशंसकों ने टिकटों के लिए अब तक की सबसे अधिक कीमत चुकाने से भी परहेज नहीं किया। आसमान छूती टिकट कीमतों के बावजूद दर्शकों की भारी मांग ने फीफा के कारोबारी दांव को सफल साबित कर दिया।
मेसी और लामिन यमल के मुकाबले पर टिकी नजरें
रविवार को न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले फाइनल में लियोनेल मेसी की अर्जेंटीना टीम का सामना स्पेन से होगा, जिसकी अगुवाई युवा स्टार लामिन यमल कर रहे हैं। इस मुकाबले को अमेरिका में अब तक के सबसे महंगे खेल आयोजनों में से एक बताया जा रहा है।
महंगे टिकटों पर भी नहीं घटी मांग
टिकट विशेषज्ञ स्कॉट फ्रीडमैन के अनुसार, फीफा ने प्रशंसकों की मांग का सही अनुमान लगाया और ऊंची कीमतों के बावजूद लोग टिकट खरीदने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे लोकप्रिय खेल आयोजनों में से एक होने के कारण प्रशंसकों ने महंगी कीमतों को भी स्वीकार किया रॉयटर्स के विश्लेषण के अनुसार, 72 ग्रुप मुकाबलों में से आधे से अधिक मैचों में स्टेडियम पूरी क्षमता से भरे रहे। फीफा के मुताबिक, शुरुआती चरण के मुकाबलों में उपलब्ध सीटों में से करीब 99.7% सीटों पर दर्शक मौजूद रहे।
शुरुआती चिंता के बाद बदला माहौल
टूर्नामेंट की शुरुआत में टिकटों की ऊंची कीमतों को लेकर चिंता जताई गई थी। 11 जून को ग्वाडलहारा स्टेडियम में दक्षिण कोरिया और चेक गणराज्य के मैच के दौरान खाली सीटें दिखाई दी थीं, जिससे फीफा की मूल्य नीति पर सवाल उठे थे। हालांकि, आगे चलकर प्रशंसकों की भारी भागीदारी ने इन आशंकाओं को गलत साबित कर दिया।
डायनेमिक प्राइसिंग से बढ़ी टिकट कीमतें
48 टीमों वाले इस सबसे बड़े विश्व कप में ग्रुप मैचों के टिकटों की शुरुआती कीमत 575 डॉलर रखी गई थी, जो 2022 विश्व कप की तुलना में काफी अधिक थी। फीफा की डायनेमिक प्राइसिंग व्यवस्था के कारण मांग के आधार पर टिकटों की कीमतों में बदलाव होता रहा और कई प्रशंसकों को इससे भी अधिक राशि चुकानी पड़ी। फाइनल के टिकट बुधवार तक फीफा के प्लेटफॉर्म पर 7,000 डॉलर से अधिक कीमत में उपलब्ध थे। शुक्रवार तक अधिकांश टिकट बिक चुके थे और कुछ टिकट करीब 32,000 डॉलर तक की कीमत पर सूचीबद्ध थे।
डायनेमिक प्राइसिंग पर पारदर्शिता की मांग
कोलंबिया यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एडम एलमैकटॉब ने कहा कि डायनेमिक प्राइसिंग को लेकर लोगों में असंतोष इसलिए है क्योंकि इसकी प्रक्रिया स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि हवाई यात्रा और अन्य क्षेत्रों में लोग इस तरह की कीमत व्यवस्था से परिचित हैं, लेकिन इतने बड़े आयोजन में अधिक पारदर्शिता जरूरी है।
फाइनल टिकटों की कीमतों ने तोड़े रिकॉर्ड
अमेरिका में टिकटों के पुनर्विक्रय बाजार के अपेक्षाकृत आसान नियमों ने भी कीमतों को बढ़ाने में भूमिका निभाई। रीसेल प्लेटफॉर्म सीटगीक के अनुसार, शुक्रवार तक फाइनल के टिकटों की औसत कीमत 11,000 डॉलर से अधिक थी, जो प्लेटफॉर्म पर बिकने वाला अब तक का सबसे महंगा आयोजन बन गया। यह 2024 सुपर बाउल से करीब 8% अधिक महंगा था।
मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंता
हालांकि, मानवाधिकार विशेषज्ञों ने कहा कि महंगे टिकट और वीजा संबंधी चुनौतियों के कारण कई प्रशंसक इस विश्व कप से दूर रहे। फुटबॉल सपोर्टर्स यूरोप के कार्यकारी निदेशक रोनन एवेन ने कहा कि यह विश्व कप कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित रह गया, क्योंकि कई देशों के प्रशंसकों को वीजा नहीं मिल सका और बहुत से लोग महंगे टिकट वहन नहीं कर पाए।
