वाशी पालिका अस्पताल में शव वाहिनी चालक का झोल कैमरे में कैद
सरकारी शव वाहिनी से निजी एंबुलेंस में शव शिफ्ट करने का आरोप
एंबुलेंस यूनियन ने अस्पताल अधीक्षक को सौंपा ज्ञापन, जांच की मांग
नवी मुंबई | वाशी स्थित नवी मुंबई महानगरपालिका अस्पताल की शव वाहिनी सेवा से जुड़ा एक कथित मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल से तुर्भे ले जाए जा रहे एक शव को बीच रास्ते में एक निजी एंबुलेंस में स्थानांतरित किया गया। इस कथित घटना का वीडियो भी सामने आने का दावा किया गया है। विशेष बात यह है कि जिस निजी एंबुलेंस में शव शिफ्ट किए जाने का आरोप है, वह अस्पताल की शव वाहिनी चलाने वाले चालक की पत्नी के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। इस मामले को लेकर नवी मुंबई एंबुलेंस सेवा संस्था ने वाशी मनपा अस्पताल के अधीक्षक को ज्ञापन देकर जांच की मांग की है।
संस्था द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, नवी मुंबई महानगरपालिका की शव वाहिनी क्रमांक MH-43-G-5091 के माध्यम से मंगलवार रात एक शव को तुर्भे स्टोर ले जाने के लिए अस्पताल से बाहर ले जाया गया था। आरोप है कि बाद में तुर्भे श्मशान भूमि के समीप कोपरखैरणे से MH-43-CK-1742 क्रमांक की एक निजी एंबुलेंस बुलाकर शव को उसमें स्थानांतरित कर दिया गया।
शिकायत में दावा किया गया है कि इसके बाद शव को माहीम ले जाया गया और वहां से हवाई मार्ग के जरिए उत्तर प्रदेश भेजा गया। यह भी आरोप लगाया गया है कि संबंधित निजी एंबुलेंस दयाराम काकड़े की पत्नी के नाम पर पंजीकृत है तथा दयाराम काकड़े मनपा में चालक के रूप में कार्यरत हैं। संस्था ने इस संबंध में भी विस्तृत जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए मृतक के परिजनों से लगभग 50 हजार रुपये लिए गए। साथ ही यह सवाल भी उठाया गया है कि यदि निजी एंबुलेंस का उपयोग किया जाना था, तो मृतक के परिजनों को वाशी क्षेत्र में उपलब्ध अन्य एंबुलेंस सेवाओं की जानकारी क्यों नहीं दी गई।
नवी मुंबई एंबुलेंस सेवा संस्था का आरोप है कि कुछ चालक पिछले कई महीनों से शव परिवहन के नाम पर इसी प्रकार की गतिविधियों के माध्यम से आर्थिक लाभ अर्जित कर रहे हैं। संस्था ने पूरे मामले की गहन जांच कर सभी संबंधित दस्तावेजों, रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की जांच किए जाने की मांग की है।
संस्था ने मनपा आयुक्त से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, संबंधित वाहन, चालक एवं अन्य व्यक्तियों की भूमिका की पड़ताल की जाए तथा आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।
हालांकि, इन आरोपों की अभी तक किसी भी सरकारी एजेंसी या नवी मुंबई महानगरपालिका द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
