भारत-म्यांमार ने द्विपक्षीय सहयोग और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने पर जताई सहमति

म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने अपने पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग, आर्थिक संबंधों और क्षेत्रीय साझेदारी को नई गति देने पर सहमति व्यक्त की।
दीर्घकालिक मित्रता की हुई पुष्टि
संयुक्त बयान में कहा गया कि राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग की आधिकारिक भारत यात्रा ने भारत और म्यांमार के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों तथा घनिष्ठ साझेदारी की पुनर्पुष्टि की है। दोनों देशों ने पारस्परिक हितों और साझा विकास के लिए सहयोग को और विस्तार देने की इच्छा व्यक्त की।
सभी स्तरों पर सहयोग जारी रखने पर सहमति
भारत और म्यांमार ने राजनीतिक, आर्थिक, विकासात्मक और अन्य क्षेत्रों में सभी स्तरों पर घनिष्ठ सहयोग बनाए रखने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने माना कि मजबूत द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्रपति ह्लाइंग ने जताया आभार
म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने भारत में अपने और उनके प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों के प्रति प्रदर्शित गर्मजोशीपूर्ण स्वागत और आतिथ्य के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा ने दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सहयोग को और मजबूत किया है।
प्रधानमंत्री मोदी को दिया म्यांमार आने का निमंत्रण
राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आपसी सहमति से तय की जाने वाली तिथियों पर म्यांमार की यात्रा के लिए आमंत्रित किया। दोनों देशों ने उच्चस्तरीय संपर्क और संवाद को जारी रखने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
संबंधों को मिलेगी नई गति
संयुक्त बयान के अनुसार, यह यात्रा भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इससे व्यापार, निवेश, विकास सहयोग और क्षेत्रीय साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
