फाइव स्टार मेहमाननवाजी के बाद भी नहीं पहुंचीं मौसमी चटर्जी; अब चुकाने होंगे 4.25 लाख रुपये
कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं मौसमी चटर्जी, नासिक उपभोक्ता आयोग का बड़ा फैसला; 4.25 लाख रुपये चुकाने का आदेश
मानदेय, फ्लाइट और फाइव स्टार सुविधा लेने के बाद ऐन वक्त पर लौटीं मुंबई; 9% ब्याज सहित राशि लौटाने और मुआवजा देने के निर्देश
हिंदी सिनेमा की वरिष्ठ अभिनेत्री मौसमी चटर्जी को एक निजी कार्यक्रम में अंतिम समय पर शामिल न होना महंगा पड़ गया। नासिक जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने उन्हें कार्यक्रम आयोजक से लिया गया 3 लाख रुपये का मानदेय 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाने तथा मानसिक और शारीरिक पीड़ा के लिए 1.25 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। कुल मिलाकर अभिनेत्री पर 4.25 लाख रुपये का आर्थिक दायित्व तय किया गया है।
यह मामला नासिक की 74 वर्षीय सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी और डॉक्टर डॉ. अरुणा वानखेड़े की शिकायत से जुड़ा है। शिकायत के अनुसार, 18 नवंबर 2023 को गोवा के एक रिसॉर्ट में आयोजित स्नेह मिलन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौसमी चटर्जी को आमंत्रित किया गया था। उनके लिए 3 लाख रुपये का मानदेय, मुंबई-गोवा हवाई यात्रा और पांच सितारा होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई थी। तय कार्यक्रम के अनुसार अभिनेत्री 17 नवंबर को गोवा पहुंचीं और उन्हें पूरा मानदेय भी दे दिया गया।
हालांकि, आयोजक डॉ. वानखेड़े चोट के कारण स्वयं एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए नहीं पहुंच सकीं। इसी को आधार बनाते हुए अभिनेत्री ने कथित तौर पर शर्तों के उल्लंघन का हवाला दिया और अगले दिन कार्यक्रम में शामिल हुए बिना मुंबई लौट गईं। कार्यक्रम रद्द होने से आयोजकों को आर्थिक नुकसान और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
मानदेय वापस नहीं मिलने पर डॉ. वानखेड़े ने कई बार ई-मेल के जरिए संपर्क किया, लेकिन समाधान नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने अधिवक्ता दीप्ती नासिक के माध्यम से नासिककर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान आयोग की अध्यक्ष शिल्पा डोलहारकर ने माना कि पूरा मानदेय और सभी सुविधाएं लेने के बावजूद कार्यक्रम में शामिल न होना सेवा में गंभीर कमी (Deficiency in Service) है। आयोग ने अभिनेत्री का यह तर्क भी खारिज कर दिया कि यह केवल निजी सेवा अनुबंध का मामला था।
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
