पुणे में 16वीं जूनियर महिला नेशनल हॉकी चैंपियनशिप, 30 टीमें तीन डिवीजन में लेंगी हिस्सा
बुधवार से पुणे में शुरू होने वाली 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला नेशनल चैंपियनशिप 2026 में कुल 30 टीमें हिस्सा लेंगी। यह टूर्नामेंट 23 अगस्त तक चलेगा, जिसमें टीमें नेशनल टाइटल के साथ-साथ अपने डिवीजन में प्रमोशन और रेलीगेशन के लिए भी मुकाबला करेंगी। चैंपियनशिप को तीन डिवीजनों – डिवीजन ‘ए’, डिवीजन ‘बी’ और डिवीजन ‘सी’ में बांटा गया है। यह फॉर्मेट टीमों को उनके स्तर पर खेलने और नेशनल चैंपियनशिप सिस्टम में आगे बढ़ने का अवसर देगा।
डिवीजन ‘ए’ में 12 टीमें, चार पूल में मुकाबला
डिवीजन ‘ए’ में 12 टीमें शामिल हैं, जिन्हें चार पूल में बांटा गया है। पूल ए में झारखंड, पंजाब और चंडीगढ़ हैं। पूल बी में हरियाणा, ओडिशा और बंगाल शामिल हैं। पूल सी में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और मणिपुर हैं, जबकि पूल डी में छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश की टीमें हैं।
इस डिवीजन का लीग स्टेज 16 अगस्त से शुरू होगा। हर टीम अपने पूल की दूसरी टीमों के खिलाफ खेलेगी। हर पूल की टॉप दो टीमें 20 अगस्त को क्वार्टर फाइनल में पहुंचेंगी। सेमीफाइनल 21 अगस्त को होंगे, जबकि तीसरे-चौथे स्थान का मुकाबला और फाइनल 23 अगस्त को खेला जाएगा।
डिवीजन ‘ए’ की 12 टीमें प्रतिष्ठित नेशनल चैंपियनशिप टाइटल के लिए भिड़ेंगी। 11वें और 12वें स्थान पर रहने वाली टीमों को अगले संस्करण में डिवीजन ‘बी’ में भेज दिया जाएगा।
डिवीजन ‘बी’ और ‘सी’ में भी प्रमोशन-रेलीगेशनडिवीजन ‘बी’ में 10 टीमें होंगी, जिन्हें दो पूल में बांटा गया है। पूल ए में आंध्र प्रदेश, असम, दिल्ली, केरल और मिजोरम हैं। पूल बी में कर्नाटक, उत्तराखंड, तमिलनाडु, बिहार और गोवा शामिल हैं। इस डिवीजन की टॉप दो टीमें डिवीजन ‘ए’ में प्रमोट होंगी, जबकि सबसे नीचे रहने वाली दो टीमों को डिवीजन ‘सी’ में भेज दिया जाएगा।
डिवीजन ‘सी’ में आठ टीमें हैं। पूल ए में अरुणाचल प्रदेश, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, राजस्थान और त्रिपुरा शामिल हैं। पूल बी में पुडुचेरी, गुजरात, जम्मू-कश्मीर और तेलंगाना की टीमें हैं। इस कैटेगरी की टॉप दो टीमें अगले संस्करण में डिवीजन ‘बी’ में प्रमोट होंगी।
दिलीप टिर्की का बयान
हॉकी इंडिया के प्रेसिडेंट दिलीप टिर्की ने कहा, “तीन डिवीजन में टीमों के बीच होने वाले इस टूर्नामेंट से युवा खिलाड़ियों को बेहतरीन कॉम्पिटिटिव अनुभव मिलेगा और साथ ही घरेलू स्तर पर खेल का रास्ता भी मजबूत होगा।”




