नासिक सिंहस्थ कुंभ के मूल स्थान कावनई कपिलधारा को लेकर साधु संतो मे विवाद!
सिंहस्थ महाकुम्भ का मुलस्थान कौन सा नासिक त्रंबकेश्वर या कावनई की कपिलधारा?
कपिलधारा का इतिहास कई ग्रंथो में मिलता है
कावनई कपिलधारा घोटी हैं नासिक सिंहस्थ कुम्भ का मूल स्थान
कावनई के कपिलधारा के कुंड मे गिरी अमृत की बूंदे
पेशवा कल मुगल काल के लेख और अभिलेखो मे हैं कपिलधारा कावनई सिंहस्थ कुम्भ का वर्णन
पेशवा काल और मुगल काल में सिंहस्थ कुंभ का शाही स्नान कावनई के कपिलधारा होता था
जिसे बदलकर महाराष्ट्र की कांग्रेस सरकार ने त्रंबकेश्वर और नासिक में कर दिया था
कांग्रेस सरकार ने हमेशा हिंदू धर्म की आस्था के साथ खिलवाड़ किया
श्री क्षेत्र कपिलधारा तीर्थ स्वर्ग आश्रम कावनई के महंत रामनारायण दास फलाहारी बाबा सिंहस्थ कुंभ के मूल स्थान मे अमृत स्थान को लेकर 70 सालो से लड़ाई लड़ रहे हैं
नासिक सिंहस्थ कुंभ मंत्री गिरिश महाजन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री तक से मुलाक़ात कर नासिक सिंहस्थ कुंभ मे अमृत स्नान को फिर से शुरू करने की मांग करते आ रहे हैं अब यह लड़ाई मुंबई हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है
अब देखना यह हैं की नासिक सिंहस्थ कुम्भ का अमृत स्नान कहां होता है नासिक त्रंबकेश्वर या कावनई के कपिलधारा मे?
बाइट…. महंत राम नारायण दास फलाहारी बाबा
श्री क्षेत्र कपिलधारा तीर्थ स्वर्ग आश्रम कावनई
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
