एथेनॉल के समर्थन में किसान संगठन, शिवराज ने कहा- किसानों के हित सर्वोपरि

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। देशभर से आए किसान नेताओं ने एथेनॉल को खेती के लिए बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि इसकी नीति किसान-केंद्रित होनी चाहिए और फसलों का उचित मूल्य सीधे किसानों तक पहुंचना चाहिए। शिवराज सिंह चौहान ने किसान नेताओं के सुझावों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि एथेनॉल से जुड़े किसानों के हितों को सरकार गंभीरता से लेगी। उन्होंने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान हैं और किसानों के लिए कृषि भवन के द्वार हमेशा खुले हैं।
कृषि भवन में देशभर के किसान नेताओं ने रखी बात
बैठक में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु समेत विभिन्न राज्यों के किसान नेता शामिल हुए। चर्चा में एथेनॉल, किसानों की आय, एमएसपी, बाजार और राष्ट्रीय कृषि नीति जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। किसान नेताओं ने कहा कि वे एथेनॉल के खिलाफ नहीं, बल्कि इसके पक्ष में हैं, लेकिन इसका वास्तविक लाभ किसानों को मिलना चाहिए, न कि केवल कंपनियों या बिचौलियों को।
एथेनॉल से खेती के लिए नया बाजार बनने की उम्मीद
किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल से खेत की उपज केवल मंडी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ऊर्जा बाजार तक पहुंच बनेगी। गन्ना, मक्का, चावल और अन्य फीडस्टॉक से एथेनॉल उत्पादन बढ़ने पर किसानों को अपनी उपज के लिए अतिरिक्त खरीदार मिल सकते हैं। इससे फसल खराब होने और भंडारण से जुड़ी दिक्कतों को भी कम करने में मदद मिल सकती है।
उचित दाम को किसानों ने बताया जरूरी
किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि एथेनॉल नीति खेती के लिए नया रास्ता खोल सकती है, लेकिन इसके लिए मक्का, गन्ना और अन्य संबंधित फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसान एथेनॉल के साथ हैं, लेकिन एथेनॉल आधारित अर्थव्यवस्था में भी किसान के हित और आय को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
एथेनॉल को लेकर भ्रम दूर करने की मांग
बैठक में किसान नेताओं ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ अन्य प्लेटफॉर्म पर एथेनॉल को लेकर कई तरह की गलतफहमियां फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कृषि मंत्रालय और किसान संगठनों से मिलकर तथ्य आधारित जागरूकता अभियान चलाने की मांग की। किसान नेताओं ने कहा कि किसानों को यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि एथेनॉल उत्पादन से कौन-कौन सी फसलें लाभान्वित हो सकती हैं और पानी की अधिक खपत वाली फसलों से सूखा-सहनशील फसलों की ओर बदलाव कैसे किया जा सकता है।
युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाने पर जोर
किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल से जुड़े तथ्यों और इसके संभावित लाभों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए रील, छोटे वीडियो और जमीनी स्तर पर सभाओं का सहारा लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि वैज्ञानिक और तथ्यात्मक जानकारी के जरिए एथेनॉल को लेकर बनी गलत धारणाओं को दूर किया जा सकता है।
शिवराज ने किसान नेताओं के सुझावों को ध्यान से सुना
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान नेताओं की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और सवाल पूछकर जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि एथेनॉल कार्यक्रम का लाभ खेत से लेकर फ्यूल टैंक तक पूरी मूल्य श्रृंखला में मिले, लेकिन इसमें किसानों का हित सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एथेनॉल से देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होने के साथ किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
मक्का, चावल और गन्ने के हितों पर ध्यान
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मक्का, चावल, गन्ना और अन्य फीडस्टॉक के दाम तथा मांग के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए नीति की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि फैसले किसान हित को ध्यान में रखकर लिए जाएंगे और मक्का किसानों के हितों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने एथेनॉल से संबंधित वैज्ञानिक अध्ययनों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर नकारात्मक नैरेटिव का जवाब देने तथा किसानों के साथ तथ्य आधारित संवाद आगे बढ़ाने की बात कही।
किसान संगठनों और सरकार के बीच साझेदारी का संदेश
बैठक के बाद AIKCC प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को एथेनॉल से जुड़े तथ्यों और संभावित लाभों की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ मिलकर किसान हित में नीति निर्माण की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने भी किसान संगठनों को नीति निर्माण में साझेदार बताते हुए कहा कि सरकार ने एथेनॉल पर किसानों की बात ध्यानपूर्वक सुनी है और प्रयास रहेगा कि ऐसा ढांचा तैयार हो, जिसमें किसान, देश और ऊर्जा सुरक्षा तीनों मजबूत हों।
बैठक में किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल रहा मौजूद
AIKCC प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष AIKCC एवं भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व सांसद भूपिंदर सिंह मान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष AIKCC एवं राष्ट्रीय किसान प्रोड्यूसर एसोसिएशन के अध्यक्ष बिनोद आनंद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष AIKCC गुरुसाहब सिंह मान, राष्ट्रीय महासचिव AIKCC एवं प्रशिक्षक शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र गुणवत पाटिल, अजय अनमोल, ललित बहाले पाटिल, बलराज सिंह संधू, सुरजीत सिंह मणि गुर्जर, जुगनू राणा, मनफूल सिंह, वी. मणिक्कम, सुगुणाकर राव, बलवंत सिंह नडियाली, दिनेश शर्मा, बलवीर सिंह और शिवाराज सिंह शामिल रहे।
