ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लिख की खबर निकली अफवाह, आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत करेगा आयोग
नवी मुंबई
महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पेपर लीक के आरोपों को प्रथम दृष्टया निराधार बताते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमराव ने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों और कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद आयोग ने पूरे मामले की तथ्यात्मक जानकारी सार्वजनिक करने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि 22 मार्च 2024 को हुई ऑफलाइन परीक्षा के लिए करीब 45 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से लगभग 33,200 ने परीक्षा दी। 12 जून को परिणाम घोषित किया गया और 506 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। 1 से 22 जुलाई तक इंटरव्यू संपन्न होने के बाद 22 जुलाई की शाम ही प्रोविजनल मेरिट सूची जारी कर दी गई।
विवेक भीमराव ने बताया कि 21 जुलाई को आयोग को एक ईमेल मिला था, जिसमें बिना किसी ठोस साक्ष्य के पेपर लीक का दावा करते हुए परीक्षा रद्द करने की मांग की गई थी। इसके बाद 23 जुलाई को एक और ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें कुछ व्हाट्सएप चैट संलग्न कर पेपर लीक का आरोप लगाया गया। आयोग ने दोनों शिकायतकर्ताओं से सबूत लेकर सामने आने को कहा, लेकिन वे अब तक आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने बताया कि शिकायत करने वाले एक व्यक्ति ने बाद में ईमेल भेजकर स्वीकार किया कि उसकी शिकायत गलत थी और उसके एक मित्र के परीक्षा में सफल नहीं होने के कारण परीक्षा रद्द कराने की मंशा से यह झूठा आरोप लगाया गया था। हालांकि, एक अन्य अभ्यर्थी अब भी पेपर लीक का दावा कर रहा है।
एमपीएससी अध्यक्ष ने कहा कि आयोग सभी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर रहा है और पूरे मामले की शिकायत पुलिस को सौंप दी जाएगी। उन्होंने कहा कि एमपीएससी की चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष है तथा युवाओं के विश्वास को बनाए रखना आयोग की प्राथमिकता है। यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आयोग को गौरव पाटिल उर्फ लोकेश पाटिल की शिकायत और एक अभ्यर्थी द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल की गई रील की जानकारी मिली है, जिनकी भी जांच पुलिस के माध्यम से कराई जाएगी।
बाइट __ विवेक भीमराव __ अध्यक्ष MPSC आयोग
