नवी मुंबई में एक्सपायर्ड सलाइन लगाने के आरोप के बाद मरीज की मौत; परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर लगाए गंभीर आरोप



नवी मुंबई। वाशी स्थित नवी मुंबई महानगरपालिका अस्पताल में कथित तौर पर एक्सपायर्ड सलाइन लगाए जाने के बाद मरीज की मौत का गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गोपीराम खडसे (50) के रूप में हुई है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और संबंधित मेडिकल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।
जानकारी के मुताबिक, गोपीराम खडसे को 31 अगस्त को चक्कर आने की शिकायत के बाद वाशी महानगरपालिका अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान उन्हें सलाइन चढ़ाई जा रही थी। इसी दौरान उनके शरीर पर पित्ती निकलने लगी और तेज खुजली होने लगी। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने तत्काल इसकी जानकारी नर्सिंग स्टाफ को दी, लेकिन समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिला।
इसके बाद खडसे की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया। 1 सितंबर को उन्हें फोर्टिस अस्पताल में स्थानांतरित किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मौत के बाद परिजनों और उनके साथियों ने वाशी महानगरपालिका अस्पताल में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने संबंधित डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही खडसे परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
मृतक के बेटे विजय खडसे के आरोप के मुताबिक, सलाइन की बोतल का फोटो नर्सिंग स्टाफ को दिखाने के बाद नर्स ने कथित तौर पर गलती होने की बात स्वीकार की। इसके बाद मरीज का उपचार शुरू किया गया। परिजनों का दावा है कि यदि समय रहते उचित उपचार और आवश्यक सावधानी बरती जाती तो गोपीराम खडसे की जान बचाई जा सकती थी।
वहीं, वाशी महानगरपालिका अस्पताल के वैद्यकीय अधीक्षक रविंद्र म्हात्रे ने बताया कि मामले की जांच के लिए समिति पहले ही गठित की जा चुकी है। नियमानुसार कार्रवाई के लिए मुख्यालय को आवेदन किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मृत मरीज का उपचार महानगरपालिका के कोटे के तहत किया जा रहा था।
बाइट: विजय खडसे — मृतक के बेटे
बाइट: रविंद्र म्हात्रे — वैद्यकीय अधीक्षक, वाशी महानगरपालिका अस्पतालअगर आप चाहें तो इसे मैं और ज्यादा आक्रामक टीवी/इंस्टाग्राम न्यूज़ स्टाइल में भी तैयार कर सकता हूँ।
