130 किलो पीतल के नासिक मे विराजमान साक्षी गणपति
30 वर्ष पहले शंकराचार्य के शिष्य ने की थी स्थापना
पुणे के श्रीमंत दगडू सेठ हलवाई की तर्ज पर हुआ है मूर्ति का निर्माण
दर्शन मात्र से पूरी होती है हर मनोकामना
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
नासिक के भद्राकाली मे साक्षी गणेश मंदिर मे स्थापित है 64 कलाओ के अधिपति गौरीनंदन गणेश की 130 किलो की पीतल से बनी हुई मूर्ति विराजमान है इस मूर्ति की स्थापना शंकराचार्य के शिष्य ने की थी पुणे के श्रीमंत दगडू सेठ हलवाई की तर्ज पर प्रतिमा का निर्माण किया गया है नासिक मे महाकुम्भ के समय देशभर से लोग गोदावरी स्नान के लिये आते है साक्षी गणपति के दर्शन व परिक्रमा करने सभी विपत्तियों का नाश होता है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है
इस सिद्ध मूर्ति के गणेश यंत्र को स्पर्श करने से तरंगों की अनुभूति होती है गणेश उत्सव मे महाप्रसाद का भोग लगया जाता है
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
