‘बड़े घरों के लिए सेल्फ रिडेवलपमेंट का विकल्प दें’
यूआरएस का विरोध नहीं, लेकिन बढ़ा हुआ एफएसआई बिल्डर के मुनाफे के लिए नहीं — सागर नाईक
नवी मुंबई । पुरानी इमारतों के पुनर्विकास के जरिए रहिवासियों को बड़े और सुरक्षित घर मिलें, लेकिन इसके लिए बढ़े हुए एफएसआई वाली अर्बन रिन्यूअल स्कीम ( यूआरएस) का हर जगह इस्तेमाल करने के बजाय सेल्फ रिडेवलपमेंट को सक्षम विकल्प बनाया जाना चाहिए। यह मांग नवी मुंबई महानगरपालिका के सभागृह नेता सागर नाईक ने महासभा में रखी।
यूआरएस और क्लस्टर योजना का विरोध नहीं है, यह स्पष्ट करते हुए सागर नाईक ने कहा कि सिर्फ अतिरिक्त एफएसआई देकर डेवलपर का मुनाफा बढ़ाने के लिए इन योजनाओं का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे पर दो दिनों तक हुई चर्चा के बाद सुझाव, उपसूचनाओं और विभिन्न सीमाओं के साथ प्रस्ताव बहुमत से मंजूर किया गया।
बढ़ा हुआ एफएसआई मतलब शहर पर बढ़ता दबाव
नाईक ने कहा कि एफएसआई बढ़ाने का फैसला केवल ज्यादा निर्माण तक सीमित नहीं रहता। इससे आबादी बढ़ती है और पानी, सड़क, सीवरेज, ट्रैफिक, फायर सेफ्टी, शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य नागरिक सुविधाओं पर दबाव बढ़ता है। इसलिए एफएसआई के दरवाजे हर जगह खोलने के बजाय यह तय किया जाना जरूरी है कि कहां, कितना और किस उद्देश्य से अतिरिक्त एफएसआई दिया जाए।
जहां सामान्य पुनर्विकास संभव, वहां यूआरएस की जरूरत नहीं
सागर नाईक के मुताबिक, जिन इलाकों में सामान्य पुनर्विकास संभव है, वहां यूआरएस लागू करने की आवश्यकता नहीं है। सामान्य पुनर्विकास के जरिए भी रहिवासियों को बड़े घर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
यूआरएस को ऐसे घने, अव्यवस्थित या पारंपरिक पुनर्विकास के लिए मुश्किल इलाकों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए, जहां इसके जरिए पूरे क्षेत्र का नियोजित विकास किया जा सके।यूआरएस के तहत सिर्फ इमारतों का निर्माण बढ़ाने के बजाय सड़क नेटवर्क, खुली जगह, फायर ब्रिगेड की पहुंच और पानी-सीवरेज व्यवस्था में सुधार होना चाहिए। नाईक ने कहा कि केवल इमारतें ऊंची करना शहरी पुनर्निर्माण नहीं है।
सेल्फ रिडेवलपमेंट को मनपा दे सुविधा
सागर नाईक ने सेल्फ रिडेवलपमेंट के लिए मनपा की ओर से तकनीकी मार्गदर्शन, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, वित्तीय सहायता के समन्वय और सिंगल विंडो परमिशन सिस्टम उपलब्ध कराने का सुझाव दिया।उन्होंने कहा कि अगर दो-तीन सोसायटियां एक साथ मिलकर क्षेत्र का विकास करना चाहती हैं, तो आवश्यक प्रोत्साहनात्मक एफएसआई देकर ‘नोडल री-प्लानिंग’ का विकल्प तैयार किया जा सकता है।
विजय चौगुले ने नागरिकों के निर्णय का समर्थन किया
वहीं, विपक्ष के नेता विजय चौगुले ने कहा कि यूआरएस, क्लस्टर या सेल्फ रिडेवलपमेंट में से कौन-सा विकल्प अपनाना है, इसका फैसला संबंधित नागरिकों को करने दिया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि नीतिगत फैसला लेने का अधिकार राज्य सरकार के पास है और महासभा में चर्चा की भी अपनी सीमाएं हैं। चौगुले ने सवाल उठाया कि जब मुंबई में पुनर्विकास के लिए बढ़ी हुई विकास क्षमता दी जा रही है, तो नवी मुंबई में अड़चन क्यों? उन्होंने घनसोली के एक प्रोजेक्ट का ही विरोध किए जाने पर भी सवाल उठाया।
यूआरएस का उद्देश्य सिर्फ बड़ा घर नहीं, बेहतर शहर भी
महासभा में मंजूर प्रस्ताव में मांग की गई कि यूआरएस का अंतिम उद्देश्य केवल रहिवासियों को बड़े घर उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नवी मुंबई की समग्र नगररचना और बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना होना चाहिए।राज्य सरकार मौजूदा नीति की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव करे और नवी मुंबई की पायाभूत सुविधाओं की क्षमता का वैज्ञानिक अध्ययन कर एफएसआई से जुड़े फैसले लिए जाएं, ऐसी मांग के साथ प्रस्ताव बहुमत से मंजूर किया गया।
