जे.पी. नड्डा और शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में लॉन्च हुआ ‘सेहत मिशन’, खेती से स्वास्थ्य तक नई पहल

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जे.पी. नड्डा और शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में लॉन्च हुआ ‘सेहत मिशन’, खेती से स्वास्थ्य तक नई पहल
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जे.पी. नड्डा और शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में लॉन्च हुआ ‘सेहत मिशन’, खेती से स्वास्थ्य तक नई पहल

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में सोमवार को दिल्ली में ‘सेहत मिशन’ लॉन्च किया गया। यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेती से स्वास्थ्य तक भारत की नई बड़ी पहल माना जा रहा है। आईसीएआर और आईसीएमआर की साझेदारी से शुरू किए गए इस मिशन का उद्देश्य हेल्दी फूड, हेल्दी फार्म और हेल्दी इंडिया के विजन को आगे बढ़ाना है।

कृषि और स्वास्थ्य के संगम को बताया बड़ा बदलाव

कार्यक्रम में जे.पी. नड्डा ने कहा कि ‘सेहत मिशन’ भारत की नीति-निर्माण प्रक्रिया में बड़े बदलाव का प्रतीक है, जहां अब सरकार केवल इलाज नहीं, बल्कि रोकथाम, समय पर पहचान और निरंतर देखभाल पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत अब रिएक्टिव नहीं, बल्कि प्रोएक्टिव हेल्थ सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कृषि और स्वास्थ्य संस्थान अलग-अलग दिशा में काम करते रहे, लेकिन अब आईसीएआर और आईसीएमआर का साथ आना विज्ञान-आधारित समाधान की नई शुरुआत है।

डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में मिलेगी मदद

जे.पी. नड्डा ने कहा कि यह मिशन कुपोषण के साथ-साथ डायबिटीज, हाइपरटेंशन और कैंसर जैसी नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज से निपटने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि भारत को अपने अनुभव, अनुसंधान और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वदेशी समाधान विकसित करने होंगे। उनके अनुसार लो-कॉस्ट, हाई-क्वालिटी और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित समाधान देश के लिए सबसे उपयोगी साबित होंगे।

‘क्या खाना है’ के साथ ‘क्या उगाना है’ पर भी जोर

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘सेहत मिशन’ खेती, पोषण और स्वास्थ्य को जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि अब देश को केवल अधिक उत्पादन नहीं, बल्कि ऐसा उत्पादन चाहिए जो पोषण दे, रोगों से बचाए और बेहतर जीवन सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि “क्या खाएं” के साथ-साथ “क्या उगाएं” पर भी राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से काम किया जाए।

बायो-फोर्टिफाइड फसलों और मोटे अनाज को बढ़ावा

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मिशन के तहत बायो-फोर्टिफाइड फसलों, पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों और पारंपरिक अनाजों को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने जिंक और आयरन से भरपूर फसलों के साथ कोदो, कुटकी, ज्वार, रागी और बाजरा जैसे मोटे अनाजों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

एकीकृत खेती से पोषण और आय दोनों बढ़ेंगे

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एकीकृत खेती केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि परिवार के पोषण को मजबूत करने का रास्ता भी है। उन्होंने कहा कि फल, सब्जियां, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियां ग्रामीण परिवारों को संतुलित भोजन और बेहतर स्वास्थ्य से जोड़ सकती हैं।

किसानों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी रहेगा फोकस

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसानों और खेतिहर मजदूरों के स्वास्थ्य को भी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। उन्होंने कहा कि कीटनाशकों और रसायनों के असंतुलित उपयोग से होने वाले जोखिम को कम करने के लिए सुरक्षित खेती पद्धतियों और जागरूकता पर जोर दिया जाएगा।

‘भोजन ही दवा’ की अवधारणा को मिलेगा बढ़ावा

उन्होंने कहा कि सही भोजन और सही फसल चयन पर वैज्ञानिक तरीके से काम किया जाए तो भोजन ही दवा का काम कर सकता है। मिशन के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप और अन्य जीवनशैली संबंधी बीमारियों से बचाव में मदद करने वाले खाद्य विकल्पों पर भी काम किया जाएगा।

‘सेहत’ मिशन का उद्देश्य

‘सेहत’ यानी साइंस एक्सीलेंस फॉर हेल्थ थ्रू एग्रीकल्चरल ट्रांसफॉर्मेशन, आईसीएआर और आईसीएमआर का संयुक्त राष्ट्रीय मिशन है। इसका उद्देश्य खेती को बेहतर पोषण, रोग-निवारण, किसान कल्याण और वैज्ञानिक नीति-निर्माण से जोड़ना है। मिशन के तहत पोषण गुणवत्ता सुधार, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी कम करने, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और टिकाऊ खाद्य प्रणाली विकसित करने पर फोकस रहेगा। (इनपुट: पीआईबी)

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