दिघा–इलठन पाडा रेलवे डैम में डूबने से 20 वर्षीय युवक की मौत, तैरने गए साहिल बनकर की गई जान
नवी मुंबई। नवी मुंबई के दिघा–इलठन पाडा स्थित ब्रिटिशकालीन रेलवे डैम, जिसे स्थानीय लोग मोगली डैम के नाम से जानते हैं, में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। डैम में तैरने गए 20 वर्षीय युवक साहिल कैलास बनकर की पानी में डूबने से मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा 28 मई को हुआ, जब साहिल अपने कुछ दोस्तों के साथ डैम में तैरने के लिए गया था। तैराकी के दौरान वह डैम की गहराई और पानी की स्थिति का सही अनुमान नहीं लगा सका, जिसके चलते वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
खतरनाक साबित हो रहा है मोगली डैम
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और नागरिक संगठनों द्वारा बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद गर्मी के मौसम में बड़ी संख्या में युवक इस डैम में तैरने पहुंचते हैं। यही लापरवाही लगातार जानलेवा हादसों का कारण बन रही है।
डैम की गहराई बनी खतरा
दिघा–इलठन पाडा रेलवे डैम में पानी अत्यधिक गहरा और असमान स्तर का है। कई स्थानों पर अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिससे तैराकों के लिए खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
रेलवे क्षेत्र होने से सुरक्षा व्यवस्था में दिक्कत
बताया जा रहा है कि यह डैम रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसी वजह से नवी मुंबई महानगरपालिका यहां सुरक्षा गार्ड तैनात करने या अन्य प्रतिबंधात्मक उपाय लागू करने में सीमित भूमिका निभा पाती है।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, इस डैम में पहले भी कई युवक डूबकर अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद लोग चेतावनियों को नजरअंदाज कर यहां तैरने पहुंच जाते हैं, जिससे हादसों की संख्या बढ़ रही है।
प्रशासन ने की अपील
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और नागरिकों ने एक बार फिर युवाओं एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे खतरनाक जलाशयों और डैमों में तैरने से बचें। प्रशासन ने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
यह दुखद घटना एक बार फिर लोगों को सावधानी बरतने और प्रतिबंधित व खतरनाक स्थानों से दूर रहने का संदेश देती है।
