दो पत्रकार संगठनों की लड़ाई में 10 साल से बंद पड़ा नवी मुंबई का पत्रकार भवन, हस्तांतरण की मांग तेज; गणेश नाईक को सौंपा गया ज्ञापन
नवी मुंबई। नेरुल-सीवुड स्थित पत्रकार भवन का निर्माण लगभग 10 वर्ष पहले पूरा हो चुका है, लेकिन दो पत्रकार संगठनों के बीच चल रहे विवाद के कारण आज तक इसे पत्रकारों के उपयोग के लिए उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। लंबे समय से भवन बंद पड़े रहने के कारण इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर नवी मुंबई के पत्रकारों ने महाराष्ट्र के वन मंत्री एवं नवी मुंबई के संपर्क मंत्री गणेश नाईक को ज्ञापन सौंपकर भवन को तत्काल नवी मुंबई महानगरपालिका (एनएमएमसी) को हस्तांतरित करने की मांग की है।
पत्रकारों का कहना है कि पिछले आठ वर्षों से लगातार यह मांग उठाई जा रही है कि पत्रकार भवन का हस्तांतरण एनएमएमसी को किया जाए, ताकि इसका उपयोग पत्रकार वार्ता, प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाओं तथा पत्रकारों से जुड़े अन्य सामाजिक एवं व्यावसायिक कार्यक्रमों के लिए किया जा सके। हालांकि, राज्य सरकार और सिडको के बीच हस्तांतरण प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण यह मामला अब तक लंबित है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान एनएमएमसी के अतिरिक्त आयुक्त डॉ. राहुल गेटे ने बताया कि नवी मुंबई प्रेस क्लब और एक अन्य पत्रकार संगठन के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण पत्रकार भवन का हस्तांतरण अटका हुआ है। इसी वजह से भवन अभी भी शासन के अधीन है और इसे महानगरपालिका को हस्तांतरित नहीं किया जा सका है।
पत्रकार संजय गुरव ने कहा कि सार्वजनिक धन से निर्मित भवन का वर्षों तक उपयोग न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि पत्रकार भवन को शीघ्र पत्रकारों के उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाता है तो इसका सदुपयोग पत्रकार परिषद, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य पत्रकार हित के कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
कुछ पत्रकारों ने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर कुछ वरिष्ठ पत्रकार अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं, जिसके कारण वर्षों से यह मामला लंबित पड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से जागरूक पत्रकारों की मांग को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द पत्रकार भवन का हस्तांतरण कराने और इसे पत्रकारों के उपयोग के लिए खोलने की अपील की है।
