सुरक्षा रक्षक गायब, तालाब बना मौत का जाल!
नवी मुंबई में दो मासूमों की डूबकर मौत
वाशी के कोपरी गांव में दर्दनाक हादसा; मनपा के तालाबों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल!
नवी मुंबई। वाशी के कोपरी गांव परिसर स्थित तालाब में डूबने से दो मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों की पहचान गणेश गुप्ता (10) और गोलू मंसूरी (8) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तालाब की सुरक्षा के लिए तैनात सुरक्षा रक्षक मौके पर मौजूद नहीं था। इसी दौरान दोनों बच्चे पैसे निकालने के लिए तालाब में उतरे और डूब गए।
घटना के दौरान कलश विसर्जन के लिए पहुंचे एक व्यक्ति की नजर डूबते हुए बच्चों पर पड़ी। उसने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन बच्चों को बचाने में सफलता नहीं मिली। इसके बाद अग्निशमन दल को सूचना देकर मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला।दोनों को वाशी स्थित मनपा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, जवाबदेही किसकी?
इस दर्दनाक घटना ने नवी मुंबई महानगरपालिका के तालाबों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि तालाब पर सुरक्षा रक्षक तैनात था, तो वह घटना के समय कहां था? क्या तालाब में उतरने से रोकने के लिए पर्याप्त इंतजाम थे? क्या सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी की जा रही थी?दो मासूमों की जान जाने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि सार्वजनिक तालाबों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? हादसे की जांच कर सुरक्षा में संभावित लापरवाही की जवाबदेही तय करना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा असहनीय दुख न झेलना पड़े।
