लद्दाख में एमएसएमई क्षेत्र को मिलेगी नई गति, जीतन राम मांझी ने दोहराई सरकार की प्रतिबद्धता

केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने 29 और 30 जून को लद्दाख के लेह में एमएसएमई मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। वह लद्दाख का दौरा करने वाले पहले केंद्रीय एमएसएमई मंत्री बने। इस दौरान उन्होंने समावेशी और सतत विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए स्थानीय उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
एमएसएमई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
लेह के डीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में एमएसएमई मंत्रालय, लद्दाख प्रशासन, बैंकिंग क्षेत्र, उद्योग संगठनों और उद्यमियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में लद्दाख के उद्योग एवं वाणिज्य निदेशक एम.ए. भट्ट ने केंद्र शासित प्रदेश के एमएसएमई इकोसिस्टम और विभिन्न योजनाओं के तहत हुई प्रगति का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।
उद्यमियों और बैंकरों से किया संवाद
बैठक के दौरान आयोजित संवाद सत्र में उद्यमियों, बैंकरों और उद्योग प्रतिनिधियों ने ऋण उपलब्धता, सब्सिडी, बाजार से जुड़ाव और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े मुद्दे उठाए। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को इन समस्याओं के समयबद्ध समाधान के निर्देश दिए और भरोसा दिलाया कि मंत्रालय लद्दाख के एमएसएमई क्षेत्र के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
रोजगार और सतत विकास पर दिया जोर
जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार एमएसएमई क्षेत्र के माध्यम से रोजगार सृजन और नागरिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एमएसएमई क्षेत्र का कार्बन फुटप्रिंट अपेक्षाकृत कम होता है, इसलिए लद्दाख जैसे पर्यावरणीय दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में यह सतत आर्थिक विकास का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने उद्यम पंजीकरण पोर्टल की सराहना करते हुए सरकारी योजनाओं के प्रति व्यापक जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता भी बताई।
क्रिएट केंद्र और पश्मीना उत्पादन का लिया जायजा
लद्दाख दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने हथकरघा भवन स्थित खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) के ‘सेंटर फॉर रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन थ्रू टेक्नोलॉजी (क्रिएट)’ का भी दौरा किया। उन्होंने ऊनी पश्मीना यार्न उत्पादन प्रक्रिया का अवलोकन किया और कहा कि आधुनिक तकनीक तथा पारंपरिक शिल्प के समन्वय से स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने, रोजगार बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल रही है।
पीएमईजीपी इकाइयों का किया निरीक्षण
मंत्री ने लेह में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) से समर्थित ‘प्योर लद्दाख’, ‘निल्जा बेकरी’ और ‘लद्दाख टिश्यू’ जैसे उद्यमों का भी दौरा किया। उन्होंने उद्यमियों से बातचीत कर उनके नवाचार, समर्पण और उद्यमशीलता की सराहना की। उन्होंने कहा कि पीएमईजीपी स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने और स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
महिला कौशल विकास कार्यक्रम की सराहना
जीतन राम मांझी ने लेह स्थित स्व-रोजगार महिला संघ (सेवा) के कौशल प्रशिक्षण केंद्र का भी दौरा किया। यहां महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगीकरण संस्थान (एमजीआईआरआई), वर्धा के तकनीकी सहयोग से निःशुल्क कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्री ने प्रशिक्षुओं से बातचीत कर उनके अनुभव जाने और कहा कि इस तरह की पहल महिलाओं को आधुनिक कौशल से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
