पुंछ के सीमावर्ती गांव नांगली का दौरा, पीएम मोदी का बड़ा बयान – “सीमा गांवों से ही भारत की असली पहचान”
पुंछ (जम्मू-कश्मीर):
प्रधानमंत्री ने आज पुंछ जिले के जीवंत सीमावर्ती गांव नांगली का दौरा किया, जहां उन्होंने स्थानीय निवासियों से बातचीत की और एक जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सीमा क्षेत्रों के महत्व और उनके विकास को लेकर अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की असली पहचान सिर्फ बड़े शहरों में नहीं बसती, बल्कि यह हमारे सीमावर्ती गांवों में भी उतनी ही मजबूती से जीवित है। ये गांव देश के गर्वित प्रवेश द्वार हैं और हमारी सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान का अहम हिस्सा हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका संकल्प अडिग है और वे तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक सीमावर्ती गांवों को भी बड़े शहरों और कस्बों की तरह समान विकास और समृद्धि नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि हर सीमा पर रहने वाले परिवार को शहरी जम्मू-कश्मीर की तरह समान अवसर और सुविधाएं मिलनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं पर जोर देते हुए कहा कि सीमा क्षेत्रों के युवाओं का भविष्य उज्ज्वल और अवसरों से भरपूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया को भारत के सीमावर्ती गांवों को आखिरी बस्तियों के रूप में नहीं, बल्कि एक बड़े सपने की शुरुआत के रूप में देखना चाहिए।
“यही मेरा मिशन है, यही मेरा वादा है,” प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा।
यह दौरा न केवल क्षेत्रीय विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि सीमावर्ती इलाकों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी माना जा रहा है।
