नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 बनेगा वैश्विक पहचान: महामंडलेश्वर रघुनाथ दास जी महाराज का बड़ा बयान
📝 विवरण (Meta Description):
नासिक सिंहस्थ कुंभ 2027 को लेकर महामंडलेश्वर रघुनाथ दास जी महाराज ने कहा कि यह आयोजन विश्व स्तर पर नई पहचान बनाएगा। निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने नासिक पहुंचे।
🗞️ पूरी खबर (Hindi News Article):
नासिक (महाराष्ट्र):
महाराष्ट्र के नासिक में आयोजित होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में महामंडलेश्वर रघुनाथ दास जी महाराज (फर्शी वाले बाबा) नासिक पहुंचे और निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने कहा कि नासिक सिंहस्थ महाकुंभ 2027 पूरी दुनिया में एक नई पहचान बनाएगा। उन्होंने नासिक की धार्मिक और आध्यात्मिक महत्ता को बताते हुए कहा कि यह वही पवित्र भूमि है, जहां त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है और इसे त्रिदेव का निवास स्थान माना जाता है।
उन्होंने कहा कि वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय बिताया था, जिससे इस भूमि का महत्व और बढ़ जाता है।
महामंडलेश्वर ने आगे कहा कि भगवान शिव ने अपनी जटाओं से दक्षिण की गंगा कही जाने वाली गोदावरी नदी को पृथ्वी पर प्रवाहित किया, जो आज भी जन-जन के कल्याण का स्रोत है।
इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सप्तश्रृंगी देवी मंदिर के रूप में आदिशक्ति जगदंबा भी इस क्षेत्र में निवास करती हैं और भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।
सिंहस्थ कुंभ से जुड़ी पौराणिक मान्यताओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अमृत की बूंदें भी इसी गोदावरी में गिरी थीं, जिससे इस आयोजन का महत्व और बढ़ जाता है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यह हर हिंदू और सनातनी के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार तीर्थ स्थलों को भव्य और दिव्य रूप देने के लिए गंभीर प्रयास कर रही है।
🎙️ बाइट:
महामंडलेश्वर रघुनाथ दास जी महाराज (फर्शी वाले बाबा)
📍 रिपोर्ट:
नासिक से संदीप द्विवेदी
