नवी मुंबई में अपराधियों और संदेहास्पद वाहनों पर अब AI की कड़ी नजर
4 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे एक कमांड सेंटर से जोड़े गए
नागमणि पांडेय
नवी मुंबई । नवी मुंबई पुलिस अब और हाईटेक हो रही है। नवी मुंबई, पनवेल, तलोजा और उरण क्षेत्र में लगे 4 हजार से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों को एक ही इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर से जोड़ा गया है। इनमें से 101 कैमरों पर AI आधारित सिस्टम काम कर रहा है इस अत्याधुनिक व्यवस्था से फरार आरोपियों, वांछित अपराधियों, संदिग्ध वाहनों और ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
पुलिस आयुक्त मिलिंद भारंबे ने बताया कि अलग-अलग संस्थाओं और विभागों से मिलने वाले सीसीटीवी फीड को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इस सिस्टम पर AI Analytics लागू किया गया है, जिससे ट्रैफिक एनफोर्समेंट के साथ-साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने में भी पुलिस को मदद मिलेगी।
फेस रिकॉग्निशन से फरार आरोपियों की तलाश
इस सिस्टम में फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके जरिए पुलिस की निगरानी में मौजूद फरार या असामाजिक तत्वों की गतिविधियों का पता लगाने में मदद मिलेगी। किसी संदिग्ध व्यक्ति की मूवमेंट अलग-अलग सीसीटीवी कैमरों में सामने आने पर पुलिस उसके रूट को ट्रैक कर सकेगी।
चोरी की गाड़ियों पर भी नजर
सीसीटीवी नेटवर्क के जरिए संदिग्ध और चोरी के वाहनों की पहचान करने में भी मदद मिलेगी। नवी मुंबई पुलिस आयुक्तालय के महत्वपूर्ण इलाकों में लगाए गए ANPR/NPR कैमरों के जरिए आने-जाने वाले वाहनों पर निगरानी रखी जाएगी।
अचानक भीड़ जुटी तो AI देगा अलर्ट
कानून-व्यवस्था के लिहाज से भी यह सिस्टम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी इलाके में अचानक बड़ी भीड़ जमा होने या असामान्य गतिविधि बढ़ने की स्थिति में AI Analytics पुलिस को स्थिति पर नजर रखने में मदद करेगा।
करीब 10 करोड़ का प्रोजेक्ट
करीब 10 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से नवी मुंबई पुलिस की जांच और निगरानी व्यवस्था को नई तकनीकी ताकत मिलेगी। सीसीटीवी फुटेज, AI Analytics, फेस रिकॉग्निशन और वाहन निगरानी जैसे सिस्टम एक साथ काम करने से अपराधियों की पहचान और उनके मूवमेंट पर नजर रखना पहले के मुकाबले आसान हो सकता है।यानी अब नवी मुंबई में सिर्फ सीसीटीवी रिकॉर्डिंग नहीं होगी, बल्कि AI की मदद से कैमरों की नजर संदिग्ध चेहरे, वाहन और गतिविधियों को पहचानने पर भी रहेगी।
