लद्दाख में जनगणना 2027 के दूसरे चरण को लेकर प्रेस वार्ता आयोजित
लेह, 16 अगस्त 2026: जनगणना 2027 के दूसरे चरण (जनसंख्या गणना) को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस मीट का आयोजन होटल ज़ेन लद्दाख, लेह में किया गया। इस दौरान श्री अमित शर्मा (आईएएस), मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी एवं निदेशक, जनगणना संचालन जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने मीडिया को आगामी जनसंख्या गणना की तैयारियों और प्रमुख विशेषताओं की जानकारी दी।
श्री अमित शर्मा ने बताया कि 15 अगस्त को लाल किले से अपने स्वतंत्रता दिवस संबोधन में माननीय प्रधानमंत्री ने देशवासियों से जनगणना 2027 के तहत सेल्फ-एन्यूमरेशन (स्व-गणना) में भाग लेने की अपील की है, जिससे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में जनभागीदारी सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना के दूसरे चरण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि लद्दाख सर्दियों के दौरान पूरी तरह बर्फ से ढका रहता है, इसलिए यहां जनगणना कार्य देश में सबसे पहले पूरा किया जाएगा। लद्दाख के लिए 1 अक्टूबर 2026 को संदर्भ तिथि निर्धारित की गई है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में यह कार्य 1 मार्च 2027 से किया जाएगा।
जनगणना 2027 की डिजिटल प्रक्रिया पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से की जा रही है, जो दशकीय जनगणना में एक बड़ा बदलाव है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दूसरे चरण के लिए सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा 17 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि लद्दाख में वीवीआईपी व्यक्तियों की स्व-गणना 17 अगस्त 2026 को ही की जाएगी, जो इस प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत होगी।
श्री अमित शर्मा ने लद्दाख के सभी नागरिकों से अपील की कि वे स्व-गणना प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और इस राष्ट्र निर्माण के महत्वपूर्ण कार्य में योगदान दें। उन्होंने नागरिकों से डिजिटल सुविधा का उपयोग कर अपनी जानकारी सही और पूर्ण रूप से दर्ज कराने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी कहा कि जनगणना कार्य को समय पर और सफलतापूर्वक पूरा करने के लिए लद्दाख के लोगों का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
इस प्रेस मीट के माध्यम से मीडिया प्रतिनिधियों को जनगणना 2027 के दूसरे चरण की प्रमुख विशेषताओं, डिजिटल प्रक्रिया, स्व-गणना सुविधा और बर्फीले क्षेत्रों के लिए किए जा रहे विशेष प्रबंधों की विस्तृत जानकारी दी गई।

