चांगथांग नोमैडिक फेस्टिवल 2026 में एलजी वीके सक्सेना ने 1200 से अधिक पश्मीना चरवाहों को 1.10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की
लेह, 9 अगस्त: लद्दाख के पश्मीना क्षेत्र को सशक्त बनाने और घुमंतू पश्मीना चरवाहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपराज्यपाल Vinai Kumar Saxena ने चांगथांग नोमैडिक फेस्टिवल 2026 के दौरान 1200 से अधिक पश्मीना चरवाहों को 1.10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
कोरजोक में Changthang Nomadic Festival 2026 के अवसर पर, त्सो मोरिरी झील के किनारे आयोजित इस कार्यक्रम में एलजी ने कहा कि पहली बार लागू की गई 25 प्रतिशत उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजना से पश्मीना उत्पादकों की आय, लाभप्रदता और स्थिरता में वृद्धि होगी। इस योजना के परिणामस्वरूप जुलाई 2026 तक 19 मीट्रिक टन कच्चे पश्मीना का संग्रह दर्ज किया गया, जो वर्ष 2025 के कुल 16 मीट्रिक टन से अधिक है।
इस योजना के तहत 1.10 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी (DBT) के माध्यम से चांगथांग क्षेत्र के समद, खरनक और कोरजोक गांवों के पश्मीना चरवाहों को प्रदान की गई। इनमें समद को लगभग 44 लाख रुपये, खरनक को 28 लाख रुपये और कोरजोक को 23 लाख रुपये प्राप्त हुए।
उपराज्यपाल ने बताया कि इस प्रोत्साहन राशि का 60 प्रतिशत हिस्सा वैज्ञानिक तरीके से पश्मीना बकरियों के प्रजनन पर, 20 प्रतिशत आधुनिक उपकरणों और बुनियादी ढांचे पर तथा शेष 20 प्रतिशत घरेलू आवश्यकताओं पर खर्च किया जाएगा, जिससे चरवाहों की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित होगी।
इसके साथ ही एलजी ने All Changthang Pashmina Growers Marketing Cooperative Society को 8 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड देने की घोषणा की, ताकि उत्पादकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। इस फंड के माध्यम से अब 50 प्रतिशत भुगतान तुरंत और शेष राशि दो महीनों के भीतर दी जाएगी, जिससे पहले होने वाली 8-10 महीनों की देरी समाप्त होगी।
एलजी सक्सेना ने पश्मीना उत्पादन में वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रति बकरी औसत फाइबर उत्पादन को 200 ग्राम से बढ़ाकर 350 ग्राम तक लाने और अगले तीन वर्षों में बकरियों की संख्या 2 लाख से बढ़ाकर 4 लाख करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने लद्दाख के पश्मीना को “समयातीत विरासत” बताते हुए कहा कि चांगपा समुदाय सदियों से इस परंपरा को संजोए हुए है और यह उनकी संस्कृति और आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस दौरान आयोजित चांगथांग नोमैडिक फेस्टिवल में 10,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया, जिसमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल रहे। यह महोत्सव अब एक अंतरराष्ट्रीय मंच बन चुका है, जहां चांगपा संस्कृति, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और पारंपरिक जीवन शैली का प्रदर्शन किया जाता है।
उपराज्यपाल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस विरासत को संरक्षित करने वाले समुदायों को इसका उचित आर्थिक लाभ मिले और लद्दाख में सतत आजीविका तथा जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
