भारत में पर्याप्त तेल-गैस भंडार, विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर पर : राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को कहा कि भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और विदेशी मुद्रा का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि देश में फिलहाल 60 दिनों का कच्चा तेल भंडार, 60 दिनों का प्राकृतिक गैस भंडार और 45 दिनों का रसोई गैस भंडार मौजूद है। साथ ही, भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर बना हुआ है।
पश्चिम एशिया संकट पर हुई उच्चस्तरीय बैठक
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में पश्चिम एशिया की स्थिति पर गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पांचवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में पिछले 70 दिनों से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर रखी गई हैं, जबकि कई देशों में इनमें 30 % से 70 % तक वृद्धि हुई है।
भारत बना दुनिया का बड़ा तेल शोधन और निर्यातक देश
सरकार ने बताया कि भारत तेल शोधन करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश और पेट्रोलियम उत्पादों का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक है। भारत वर्तमान में 150 से अधिक देशों को पेट्रोलियम उत्पाद निर्यात कर रहा है और घरेलू मांग की भी पूर्ति कर रहा है।
तेल कंपनियों को रोजाना 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान
बैठक में जानकारी दी गई कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियां प्रतिदिन करीब 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठा रही हैं। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में यह नुकसान लगभग 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। इसके बावजूद सरकार अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ आम लोगों पर नहीं डालना चाहती।
ईंधन संरक्षण को बताया दीर्घकालिक रणनीति
राजनाथ सिंह ने कहा कि ईंधन संरक्षण केवल तत्काल बचत के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की ऊर्जा सुरक्षा और दीर्घकालिक क्षमता निर्माण के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा चलता है, तो जिम्मेदार खपत की संस्कृति विकसित करना आवश्यक होगा।
प्रधानमंत्री ने की सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील
बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का भी उल्लेख किया गया। प्रधानमंत्री ने लोगों से मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करने, साझा वाहन व्यवस्था अपनाने, अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की है। साथ ही, किसानों से रासायनिक उर्वरकों का उपयोग 50 % तक कम करने, प्राकृतिक खेती अपनाने और सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंपों के इस्तेमाल को बढ़ाने का आग्रह किया गया है।
रणनीतिक तेल भंडार की होगी समीक्षा
रक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार का प्राथमिक उद्देश्य ऊर्जा आपूर्ति को बाधित होने से बचाना और समुद्री व्यापार मार्गों को सुरक्षित रखना है। बैठक में रणनीतिक तेल भंडार की जरूरतों की पुनर्समीक्षा पर भी चर्चा हुई।
उर्वरक भंडार में बढ़ोतरी
सरकार ने बताया कि 11 मई तक देश में कुल उर्वरक भंडार 199.65 लाख टन रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 178.58 लाख टन से अधिक है। खरीफ 2026 के लिए कुल आवश्यकता 390.54 लाख टन आंकी गई है, जिसके मुकाबले मौजूदा भंडार 51 % से अधिक है।
एमएसएमई क्षेत्र को राहत देने की तैयारी
बैठक में उद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र को राहत देने के उपायों की जानकारी भी दी गई। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 5 मई को आपातकालीन ऋण गारंटी योजना के नए चरण को मंजूरी दी है। इसके तहत 2.55 लाख करोड़ रुपए के अतिरिक्त ऋण प्रवाह का लक्ष्य रखा गया है। योजना में एमएसएमई के लिए 100 % और अन्य उद्योगों व विमानन क्षेत्र के लिए 90 % तक ऋण गारंटी का प्रावधान किया गया है। (इनपुट: आईएएनएस)
