वाशी महानगरपालिका अस्पताल में मरीजों के भोजन में जिंदा कीड़े; मनसे का तीखा विरोध — दोषियों पर केस दर्ज कर ठेकेदार को तुरंत ब्लैकलिस्ट करने की मांग
वाशी स्थित नवी मुंबई महानगरपालिका अस्पताल में एक बेहद चौंकाने वाली और अमानवीय घटना सामने आई है। अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए गए भोजन में जिंदा कीड़े पाए जाने से पूरे शहर में आक्रोश फैल गया है। 3 मई 2026 को सेक्टर 10-A स्थित महानगरपालिका अस्पताल की तीसरी मंजिल पर महिला अस्थि रोग विभाग में भर्ती मरीजों को दी गई “लापशी” में जिंदा कीड़े मिलने का मामला सामने आया। पहले से बीमारी से जूझ रहे मरीजों की जान के साथ इस तरह का खिलवाड़ सामने आने के बाद मरीजों और उनके परिजनों में भय और गुस्से का माहौल है।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने इस गंभीर मामले को लेकर आक्रामक रुख अपनाया है। शहर अध्यक्ष गजानन काळे के नेतृत्व में मनसे पदाधिकारियों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वाशी विभाग अध्यक्ष सागर विचारे ने कहा कि “क्या अस्पताल में इलाज के नाम पर मरीजों को दवा की जगह जहर दिया जा रहा है? जनता की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाली इस भ्रष्ट और लापरवाह व्यवस्था को अब जवाब देना ही होगा।”
घटना सामने आने के बाद संबंधित भोजन को कब्जे में लिया गया, लेकिन उसके बाद प्रशासन की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। मनसे का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद कर्मचारियों ने कीड़ों की तस्वीरें केवल मोबाइल में दिखाईं, लेकिन उन्हें देने से साफ इनकार कर दिया। “वरिष्ठों के आदेश हैं” कहकर पूरे मामले को दबाने और सबूत छिपाने की कोशिश की गई।
सिस्टर इंचार्ज ने भी वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा के बाद तस्वीरें देने से इनकार कर दिया और मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. माधवी इंगळे के निर्देशों का हवाला दिया। इससे मामले में सबूत दबाने, दोषियों को बचाने और सच्चाई छिपाने की कोशिश किए जाने का गंभीर संदेह पैदा हुआ है।
5 मई 2026 को मनसे पदाधिकारियों ने मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. माधवी इंगळे से मुलाकात कर कड़ा विरोध जताया। इस दौरान विभाग सचिव संजय शिर्के व संदेश खांबे, उपविभाग अध्यक्ष प्रवीण माने, अक्षय त्रिमुखे, शैलेश पांजगे, शाखाध्यक्ष संतोष मोटलिंग, विकास साळवे, गटाध्यक्ष संतोष भराडे सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।
मनसे का आरोप है कि इस मुलाकात के दौरान अस्पताल प्रशासन भोजन के नमूने सुरक्षित रखने, खाद्य एवं औषधि प्रशासन को शिकायत करने और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने जैसे महत्वपूर्ण सवालों पर संतोषजनक जवाब नहीं दे सका।
6 मई 2026 को इस पूरे मामले को लेकर नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त और स्वास्थ्य विभाग को विस्तृत शिकायत सौंपी गई। साथ ही वाशी पुलिस स्टेशन में विभाग सचिव संजय शिर्के द्वारा आधिकारिक शिकायत दर्ज कर दोषियों पर तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।
मनसे ने मांग की है कि संबंधित भोजन सप्लायर, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं, ठेकेदार को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जाए, उसके सभी भुगतान रोके जाएं तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा वैज्ञानिक जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।
सागर विचारे ने चेतावनी दी कि “जनता के टैक्स के पैसों से चलने वाले अस्पताल में अगर मरीजों को कीड़ों वाला भोजन दिया जा रहा है, तो यह केवल लापरवाही नहीं बल्कि जनता की जिंदगी के साथ क्रूर मजाक है। यदि अगले 15 दिनों में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करेगी और जरूरत पड़ने पर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाएगी।”

