यूपी के रामपुर मे मुरादाबाद वन विभाग की उड़न दस्तते टीम ने रामपुर मे की छापैमारी
बड़ी कार्यवाही में खैर की लकड़ी से लदा कैंटर पकड़ा, 80 कुंटल खेर की लकड़ी के साथ दो तस्कर गिरफ्तार।
तस्करों में टांडा के नदीम और बरेली के शेम्पू शामिल, तीन फरार।
स्वारः क्षेत्र में मुरादाबाद उड़न दस्ता ने बीते दिन सुबह तड़के 80 क्विंटल खैर की लकड़ी से लदा कैंटर पकड़कर सलारपुर रेंज को सौंप दिया।
साथ ही दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया है, जबकि तीन फरार हो गए। तस्करों को न्यायालय में पेश किया गया।
वहीं वन विभाग के अधिकारी अब यह पता लगाने में जुटा हैं कि पकड़ी गई खैर की लकड़ी उत्तराखंड क्षेत्र की है या फिर पीपली वन क्षेत्र से काटी गई है।
बताया गया कि क्षेत्र में मुरादाबाद टांडा रोड पर मुरादाबाद उड़न दस्ता की टीम गश्त कर रही थी। इस दौरान टांडा क्षेत्र की ओर से आ रहा एक कैंटर को तिरपाल से ढका देख टीम को शक हुआ। वन कर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो चालक ने भागने का प्रयास किया।
स्वार में गिरफ्तार किए गए तस्कर,
टांडा क्षेत्र के गांव टोडीपुरा निवासी नदीम, बरेली के फतेहगंज थाना क्षेत्र के धनेल निवासी शैम्पू को पकड़ लिया। वन रेंजर रामकांत सक्सेना ने बताया कि पकड़े गए दोनों तस्करों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई कर न्यायालय में पेश किया गया है।
लकड़ी उत्तराखंड से लाई जा रही थी या कहीं ओर से, उसकी जांच की जा रही है। वहीं पकड़ी गई लकड़ी की कीमत छह लाख रुपये बताई जा रही है।
पीपली वन से कटान हुआ तो सख्ती पर उठेंगे सवाल खैर की लकड़ी से भरा कैंटर पकड़े जाने के बाद वन विभाग की कार्य प्रणाली को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि यदि जांच में यह साबित होता है कि बरामद खैर की लकड़ी पीपली वन क्षेत्र से काटी गई है, तो वन विभाग की सख्ती पर सवाल खड़े होने तय हैं। पीपली वन क्षेत्र में अवैध कटान रोकने के लिए वन रेंजर द्वारा बरेली और मुरादाबाद तक के वन कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।
इसके बावजूद यदि वन क्षेत्र से बड़े पैमाने पर खैर की लकड़ी की तस्करी हुई है, तो यह विभागीय निगरानी पर बड़ा सवाल होगा।
रिपोर्टर परवेज़ अली रामपुर यूपी,,,
