ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026’ लागू ,प्रभाग में गंदगी मिलने पर नगरसेवक भी होंगे जिम्मेदार
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद नए नियम प्रभावी, अब बड़े स्तर पर होगा कचरे का ऑडिट
नवी मुंबई । देश के 4 सर्वश्रेष्ठ स्वच्छ शहरों में शामिल नवी मुंबई में अब स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी और जवाबदेही दोनों बढ़ने वाली हैं। केंद्र सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से लागू किए गए ‘ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2026’ के तहत अब कचरा प्रबंधन व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिए जाने के बाद प्रभागों में स्वच्छता बनाए रखने की जिम्मेदारी नगरसेवकों पर भी तय की जा रही है।
नवी मुंबई महानगरपालिका आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने नागरिकों से स्वच्छता अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छता केवल मनपा की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
नए नियमों के तहत अब घरों से निकलने वाले कचरे को गीला, सूखा, घरेलू घातक और सैनिटरी कचरे के रूप में चार भागों में अलग-अलग रखना अनिवार्य किया गया है। महानगरपालिका की कचरा गाड़ियों में भी अलग-अलग कचरा देना होगा। साथ ही घरों में निकलने वाले गीले कचरे से कंपोस्ट खाद तैयार करने को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
प्रतिदिन 100 किलो या उससे अधिक कचरा उत्पन्न करने वाली सोसायटियों, होटलों, बाजारों और संस्थाओं को अपने परिसर में ही गीले कचरे पर प्रक्रिया करने वाले प्रकल्प शुरू करने होंगे। इसके अलावा नए नियमों के तहत बड़े स्तर पर कचरे का ऑडिट भी किया जाएगा।
आयुक्त ने सिंगल यूज प्लास्टिक और प्लास्टिक बैग के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने की अपील की। उन्होंने बताया कि नागरिक स्वच्छता संबंधी शिकायतें नवी मुंबई महानगरपालिका की आधिकारिक वेबसाइट, My NMMC ऐप, Swachhata App अथवा 18002683966 टोल फ्री नंबर पर दर्ज करा सकते हैं।
इसके साथ ही ‘स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26’ के अंतर्गत ‘Citizen Feedback’ प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। नागरिकों से cf.sbmurban.org पर जाकर शहर की स्वच्छता से जुड़े 13 प्रश्नों के उत्तर देने की अपील की गई है।
डॉ. कैलास शिंदे ने कहा कि ‘मेरा शहर, मेरी भागीदारी’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाकर ही नवी मुंबई को देश का सबसे स्वच्छ शहर बनाया जा सकता है।
