स्मशानभूमि जाने के लिए सड़क नहीं, नदी पार कर अंतिम संस्कार की मजबूरी
नाशिक
सुरगाणा तहसील के गोंदुणे ग्राम पंचायत अंतर्गत चिंचला गांव में स्मशानभूमि तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में चिंचला निवासी झिनू सुकर पालवा (61) का निधन हो गया। उनके अंतिम संस्कार के लिए शव को ले जाते समय परिजनों और ग्रामीणों को नदी पार करके स्मशानभूमि तक जाना पड़ा।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने पर स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ऐसे समय शव को स्मशानभूमि तक ले जाना बेहद मुश्किल हो जाता है। अंतिम संस्कार के लिए ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है।
चिंचला के नागरिकों ने प्रशासन और ग्राम पंचायत से स्मशानभूमि तक तत्काल पक्की सड़क और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
ग्रामीणों ने संबंधित प्रशासन से तत्काल स्थल का निरीक्षण कर स्मशानभूमि तक पहुंचने के लिए सड़क तथा नदी पर आवश्यक व्यवस्था करने की मांग की है।
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
