सावरकर सदन पर विवाद तेज: पुनर्विकास के नाम पर गिराने की आशंका, नवी मुंबई में जोरदार प्रदर्शन
नवी मुंबई के पनवेल में ऐतिहासिक ‘सावरकर सदन’ को पुनर्विकास के तहत गिराने की आशंका के विरोध में प्रदर्शन तेज हो गया है। संगठनों ने इसे राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग की है।
नवी मुंबई | पनवेल
ऐतिहासिक ‘सावरकर सदन’ को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पुनर्विकास (Redevelopment) के नाम पर इस इमारत को गिराए जाने की आशंका के विरोध में पनवेल में हिंदू जनजागृति समिति और अन्य संगठनों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर के इस ऐतिहासिक निवास को तत्काल राष्ट्रीय स्मारक घोषित किया जाए और इसके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए कहा कि जब “जिन्ना हाउस सुरक्षित रखा जा सकता है, तो सावरकर सदन क्यों नहीं?” इस बयान ने आंदोलन को और अधिक तेज कर दिया है।
सूत्रों के अनुसार, इस इमारत को पहले ही हेरिटेज सूची (Heritage List) में शामिल करने की सिफारिश की जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इसी देरी को लेकर स्थानीय संगठनों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने जल्द ही इस मामले में हस्तक्षेप नहीं किया, तो आंदोलन को पूरे महाराष्ट्र में और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा।
