कुंभ मेले में मुस्लिमों की दुकानों पर रोक की मांग!
नितेश राणे के बयान से गरमाई सियासत
नवी मुंबई | कुंभ मेले में किसे दुकान लगाने की अनुमति मिलेगी? इस सवाल पर महाराष्ट्र की सियासत में नया विवाद खड़ा हो सकता है। राज्य के मंत्री नितेश राणे ने नासिक में होने वाले आगामी कुंभ मेले में मुस्लिम समुदाय के व्यापारियों को दुकानें लगाने की अनुमति नहीं देने की मांग की है। इतना ही नहीं, उन्होंने हिंदू समुदाय से केवल हिंदू व्यापारियों से खरीदारी करने और उन्हीं के साथ व्यापार करने की अपील भी की है।
नवी मुंबई के नेरुल में हिंदू रेस्टोरेंट एंड फूड एसोसिएशन की स्थापना के कार्यक्रम में बोलते हुए राणे ने कहा कि भारत हिंदुओं का देश है और हिंदुओं को अपने समुदाय के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
राणे ने ईद और रमजान का हवाला देते हुए सवाल उठाया कि जब मुस्लिम समुदाय के लोग इन अवसरों पर हिंदुओं को आमंत्रित नहीं करते, तो हिंदू त्योहारों में उन्हें दुकानें लगाने की अनुमति क्यों दी जाए?
अपने संबोधन में मंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को मुस्लिम राष्ट्र बनाने की कथित मुहिम और ‘गजवा-ए-हिंद’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने यूरोपीय देशों में मुस्लिम आबादी और धार्मिक तनाव को लेकर भी अपनी राय रखी।
लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या धार्मिक पहचान के आधार पर व्यापार के अवसर तय होने चाहिए? कुंभ मेले में दुकानों की अनुमति को लेकर राणे की इस मांग ने धार्मिक आधार पर व्यापार और खरीदारी की बहस को फिर हवा दे दी है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मांग पर क्या रुख अपनाता है।
