जम्मू-कश्मीर में पंजाबी, गोजरी और पहाड़ी को मिल सकता है आधिकारिक भाषा का दर्जा, 2027 के बजट सत्र में विधेयक लाने की तैयारी!
जम्मू-कश्मीर: जम्मू-कश्मीर में भाषाई विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के नेतृत्व वाली सरकार वर्ष 2027 के बजट सत्र के दौरान जम्मू-कश्मीर विधानसभा में एक विधेयक पेश करने की योजना बना रही है। इस विधेयक के माध्यम से पंजाबी, गोजरी और पहाड़ी भाषाओं को केंद्र शासित प्रदेश की आधिकारिक भाषाओं का दर्जा देने का प्रस्ताव है।
बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को अधिक व्यापक पहचान देना है। इन भाषाओं को आधिकारिक दर्जा मिलने से इनके संरक्षण, प्रचार-प्रसार और संबंधित भाषाई समुदायों की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा मिल सकता है।
हालांकि, इस संबंध में अभी तक विधेयक विधानसभा में पेश नहीं किया गया है। फिलहाल यह जानकारी सूत्रों के हवाले से सामने आई है और प्रस्ताव को लेकर सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
नोट: पंजाबी, गोजरी और पहाड़ी को आधिकारिक भाषा का दर्जा देने का प्रस्ताव अभी विचाराधीन बताए जा रहा है। अंतिम स्थिति विधेयक पेश होने और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
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