जम्मू-कश्मीर को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास तेज
J&K GCC Summit 2026 के समापन सत्र को किया संबोधित, वैश्विक कंपनियों से निवेश की अपील
जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर जीसीसी समिट 2026 के समापन सत्र (Valedictory Session) को संबोधित करते हुए वक्ता ने वैश्विक उद्यमों और कंपनियों से केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को प्रतिभा, नवाचार और विकास के अगले प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की अपील की।
अपने संबोधन में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में बढ़ते निवेश, तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC) की स्थापना के लिए उपलब्ध विशिष्ट अवसरों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में प्रतिभाशाली युवाओं, नवाचार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं, जो इसे वैश्विक कंपनियों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना सकती हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर केवल लागत-कुशल केंद्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उच्च स्तरीय क्षमताओं, विशेषज्ञता और नवाचार पर आधारित ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।
उन्होंने कहा कि प्रतिभा, विश्वास, समावेशिता और नवाचार जम्मू-कश्मीर को वैश्विक कारोबारी परिदृश्य में नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समिट के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में निवेश की संभावनाओं को बढ़ावा देने, वैश्विक कंपनियों को आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के नए अवसर सृजित करने की दिशा में प्रदेश की बढ़ती महत्वाकांक्षाओं को भी सामने रखा गया।
