उरण में एसीबी की बड़ी कार्रवाई: एक लाख की कथित रिश्वत लेते मंडल अधिकारी, तलाठी और कोतवाल जाल में
सातबारा पर वारिस नोंद के बदले मांगी गई थी रिश्वत; एक साथ तीन आरोपियों की गिरफ्तारी से उरण में हड़कंप
नवी मुंबई। उरण परिसर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लाचलुचपत प्रतिबंधक विभाग (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मंडल अधिकारी, तलाठी और कार्यालयीन कोतवाल को कथित तौर पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा है। एक ही कार्रवाई में तीन सरकारी कर्मचारियों के एसीबी के जाल में फंसने से पूरे उरण क्षेत्र में खलबली मच गई है।
जानकारी के अनुसार, सातबारा उतारे पर वारिस नोंद करने के बदले कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी। इससे परेशान शिकायतकर्ता ने नवी मुंबई एसीबी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर एसीबी अधिकारियों ने कार्रवाई की और कथित रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय तीनों को पकड़ लिया।
कार्रवाई में कोप्रोली के मंडल अधिकारी के. डी. मोहिते, चिरनेर के तलाठी जयहिंद कोळी और कार्यालयीन कोतवाल नथुराम कातकरी के पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है।
एक शिकायत और तीनों पर शिकंजा
शिकायत के बाद एसीबी ने मामले की जांच कर जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार कथित रिश्वत की रकम स्वीकार करते समय तीनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। कार्रवाई के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और मामले में आगे की जांच जारी है।
सरकारी राजस्व विभाग से जुड़े कर्मचारियों पर हुई इस कार्रवाई ने ‘आम नागरिक के जमीन संबंधी काम के लिए रिश्वत क्यों?’ यह सवाल भी खड़ा कर दिया है। वारिस नोंद जैसे प्रशासनिक काम के लिए कथित रूप से रकम मांगे जाने के आरोप ने राजस्व व्यवस्था में भ्रष्टाचार के मुद्दे को फिर सामने ला दिया है।
फिलहाल एसीबी की कार्रवाई के बाद आगे की जांच में रिश्वत की मांग, रकम और पूरे मामले में अन्य किसी की भूमिका है या नहीं, इसका खुलासा होने की संभावना है।
