हिंदी साहित्य की अमर स्वर-साधिका, छायावाद की प्रमुख स्तंभ, ‘पद्म विभूषण’ महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उनकी लेखनी ने हिंदी साहित्य को संवेदना की अनुपम भाव-संपदा से समृद्ध किया। उनका कालजयी सृजन युगों तक मानवीय मूल्यों को स्पंदित करता रहेगा।

