Skip to content
By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
CENNEWSCENNEWSCENNEWS
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact
Search
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Reading: कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
CENNEWSCENNEWS
Font ResizerAa
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact
Search
  • About
  • Advertise
  • Careers
  • Contact
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
CENNEWS > ब्लॉग > Sports > कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य
Sports

कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य

Last updated: July 24, 2026 10:35 pm
cennews
Share
5 Min Read
कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य
PARIS, FRANCE - JULY 31: Lovlina Borgohain of Team India makes her way to the ring prior to the Women's 75kg preliminary round match between Sunniva Hofstad of Team Norway and Lovlina Borgohain of Team India on day five of the Olympic Games Paris 2024 at North Paris Arena on July 31, 2024 in Paris, France. (Photo by Richard Pelham/Getty Images)
SHARE

कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य

कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य

ग्लासगो में आयोजित 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय मुक्केबाजी दल की अगुवाई देश की सबसे अनुभवी और सफल महिला मुक्केबाजों में शामिल लवलीना बोर्गोहेन कर रही हैं। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता, विश्व चैंपियन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की सबसे भरोसेमंद मुक्केबाजों में शुमार लवलीना इस बार उस कॉमनवेल्थ स्वर्ण पदक को जीतने के इरादे से उतरी हैं, जो अब तक उनके शानदार करियर में शामिल नहीं हो सका है।

महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहीं लवलीना को भारत की सबसे मजबूत पदक दावेदार माना जा रहा है। असम के गोलाघाट जिले के बारोमुखिया गांव से निकलकर विश्व मुक्केबाजी के शीर्ष स्तर तक पहुंचने वाली लवलीना का सफर संघर्ष, अनुशासन और दृढ़ संकल्प की मिसाल रहा है। किकबॉक्सिंग से खेल की शुरुआत करने वाली लवलीना की प्रतिभा को वर्ष 2012 में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के टैलेंट सर्च कार्यक्रम के दौरान प्रसिद्ध कोच पदुम बोरो ने पहचाना था।

टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर लवलीना ओलंपिक मुक्केबाजी में पदक जीतने वाली भारत की तीसरी और महिला वर्ग में मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय मुक्केबाज बनीं। बाद में उन्होंने ओलंपिक भार वर्गों में बदलाव के बाद 69 किलोग्राम से 75 किलोग्राम वर्ग में सफलतापूर्वक कदम रखा और विश्व चैंपियनशिप सहित कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी निरंतरता साबित की।

हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स ऐसा प्रमुख मंच है जहां स्वर्ण पदक जीतने का उनका सपना अभी अधूरा है। ग्लासगो 2026 में वह इसी कमी को पूरा करना चाहती हैं। खेलों से पहले लवलीना ने कहा था कि कॉमनवेल्थ स्वर्ण जीतना उनके सबसे बड़े लक्ष्यों में शामिल है और इसके लिए उन्होंने पिछले कई महीनों से तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर विशेष ध्यान दिया है।

लवलीना के अभियान की शुरुआत सकारात्मक रही है। महिलाओं के 75 किलोग्राम वर्ग में प्रतिभागियों की संख्या कम होने के कारण उन्हें सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश मिला है। कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रारूप के अनुसार सेमीफाइनल में पहुंचने वाले दोनों हारने वाले मुक्केबाजों को कांस्य पदक मिलता है। ऐसे में लवलीना ने रिंग में उतरे बिना ही भारत के लिए मुक्केबाजी का पहला पदक सुनिश्चित कर दिया है।

हालांकि, उनके लिए केवल पदक जीतना पर्याप्त नहीं है। उनका लक्ष्य स्वर्ण पदक हासिल करना है। यदि वह सेमीफाइनल जीतती हैं तो कम से कम रजत पदक पक्का हो जाएगा और फिर फाइनल में जीत के साथ वह अपने करियर की उपलब्धियों में कॉमनवेल्थ स्वर्ण भी जोड़ सकती हैं। यह उपलब्धि उनके ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप पदकों के साथ उनके शानदार करियर को और अधिक पूर्ण बना देगी।

लवलीना आज देशभर के युवा खिलाड़ियों, विशेषकर ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनका सफर यह साबित करता है कि प्रतिभा, मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर कोई भी खिलाड़ी विश्व स्तर पर सफलता हासिल कर सकता है। ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स के उद्घाटन समारोह में भारत की ध्वजवाहक बनने के साथ उन्होंने भारतीय महिला खिलाड़ियों के बढ़ते आत्मविश्वास और सफलता का भी प्रतिनिधित्व किया।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का मुक्केबाजी में प्रदर्शन हमेशा मजबूत रहा है और इस बार भी देश को लवलीना से स्वर्ण पदक की उम्मीद है। उनकी तकनीकी दक्षता, रणनीतिक समझ और दबाव में शांत रहने की क्षमता उन्हें प्रतियोगिता की सबसे मजबूत दावेदारों में शामिल करती है।

ग्लासगो में चल रहे इन खेलों में लवलीना बोर्गोहेन एक और ऐतिहासिक उपलब्धि के बेहद करीब हैं। यदि वह स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहती हैं तो यह केवल एक और अंतरराष्ट्रीय खिताब नहीं होगा, बल्कि उनके शानदार करियर की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जाएगा और भारतीय मुक्केबाजी के इतिहास में उनका स्थान और भी मजबूत हो जाएगा।

You Might Also Like

FIH यूथ हॉकी5एस एशिया कप में भारतीय महिला टीम ने कजाकिस्तान को 10-0 से रौंदा, पुरुष टीम ने बांग्लादेश को हराया

आईएसएसएफ विश्व कप में संयम चमकीं, भारत को दिलाया पहला पदक

पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को मिली फिडे की अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी

आईएसएसएफ विश्व कप में संयम चमकीं, भारत को दिलाया पहला पदक

महंगे टिकटों के बावजूद फीफा विश्व कप में उमड़ा फैंस का सैलाब, प्रशंसकों ने खोली जेब

TAGGED: कॉमनवेल्थ गेम्स में लवलीना बोर्गोहेन पर भारत की सबसे बड़ी उम्मीद, गोल्ड जीतकर अधूरा सपना पूरा करने का लक्ष्य

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को मिली फिडे की अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को मिली फिडे की अंतरिम अध्यक्ष की जिम्मेदारी
Next Article आईएसएसएफ विश्व कप में संयम चमकीं, भारत को दिलाया पहला पदक आईएसएसएफ विश्व कप में संयम चमकीं, भारत को दिलाया पहला पदक
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Stay Connected

235.3kFollowersLike
69.1kFollowersFollow
11.6kFollowersPin
56.4kFollowersFollow
136kSubscribersSubscribe
4.4kFollowersFollow
- Advertisement -
Ad imageAd image

Latest News

रामपुर मे मीठी पूड़ी खाने से लगभग एक ही परिवार के 20 लोग हुए फूड प्वाइजन का शिकार।
UP July 24, 2026
मुंबई महानगर क्षेत्र में यात्रियों और टैक्सी चालकों के लिए आज एक नई परिवहन सेवा की शुरुआत हुई।
Mumbai July 24, 2026
CM उमर अब्दुल्ला ने बारिश से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की, पूरे J&K में हाई अलर्ट के निर्देश
CM उमर अब्दुल्ला ने बारिश से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की, पूरे J&K में हाई अलर्ट के निर्देश
Jammu and Kashmir July 24, 2026
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आवागमन को आसान बनाने का माध्यम है और आवागमन का माध्यम जितना अधिक तेज होगा, उतनी ही तीव्र गति से प्रगति भी होगी और समृद्धि भी आएगी।
आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर आवागमन को आसान बनाने का माध्यम है और आवागमन का माध्यम जितना अधिक तेज होगा, उतनी ही तीव्र गति से प्रगति भी होगी और समृद्धि भी आएगी।
UP July 24, 2026
CENNEWSCENNEWS
Follow US
© 2026 cennews.in. Designed by Adcraft India. All Rights Reserved.
  • Advertise
Join Us!

Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc..

[mc4wp_form]
Zero spam, Unsubscribe at any time.
CEN News official Logo CEN News official Logo
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?