नासिक के त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर स्थित ऐतिहासिक अमृतकुंड में कई सालों बाद शिवलिंग के दर्शन हुए.
ASI ने संरक्षण कार्य के तहत कुंड का पानी निकालकर सफाई की, जिसमें 65 फीट गहरे कुंड के तल पर शिवलिंग दिखाई दिया. पेशवा कालीन माने जाने वाले इस कुंड के जल का इस्तेमाल पूजा-अभिषेक में होता है, जबकि सुरक्षा कारणों से श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक है.
त्रंबकेश्वर मंदिर के ट्रस्टी कैलाश घुले ने बताया कि 2013 के समय सफाई के दौरान यह शिव पिंड मिला था जिसे मैंने ही कंक्रीट और सीमेंट के द्वारा बनवा दिया था लोग अफवाह फैला रहे हैं यह कोई स्वयंभू निकला शिव लिंग नही है
बाइट. कैलाश घुले त्रंबकेश्वर मंदिर नासिक
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
