मुंबई APMC सब्जी मंडी में चौंकाने वाला मामला; कचरे से सब्जियां चुनकर दोबारा पैक करने का आरोप, उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़?
नवी मुंबई | राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्राप्त मुंबई APMC सब्जी मंडी में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़ा एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि मंडी में कचरा प्रबंधन की बदहाल व्यवस्था के कारण बड़ी मात्रा में फेंकी गई और सड़ी हुई सब्जियों में से उपयोग योग्य सब्जियां अलग कर उन्हें दोबारा जालियों और बोरियों में पैक कर बाजार में बेचा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि 27 जून को सामने आए एक वीडियो में कचरे के ढेर से टमाटर, भिंडी, फूलगोभी, चाइनीज सब्जियां, तोंडली, पत्तागोभी और कढ़ीपत्ता जैसी सब्जियां अलग कर वहीं दोबारा पैक करते हुए देखा जा सकता है। आरोप है कि इसके बाद यही सब्जियां खुदरा विक्रेताओं तक पहुंचाई जाती हैं और अंततः आम उपभोक्ताओं के घरों तक पहुंचती हैं।
यदि ये आरोप सही हैं, तो यह मामला खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। इस दौरान मंडी में यह गतिविधि खुलेआम होने के बावजूद व्यापारी प्रतिनिधियों और APMC प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिलने के बाद मंडी में स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, नालों की सफाई, शौचालयों के रखरखाव और मूलभूत सुविधाओं में सुधार की उम्मीद थी। लेकिन बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि आज भी मंडी में गंदगी, कचरे के ढेर और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है।
बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि मुंबई APMC के अध्यक्ष जयकुमार रावल हैं, जबकि सचिव शरद जरे को राज्य के मार्केटिंग डायरेक्टर का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। उनका आरोप है कि एक ही अधिकारी के पास दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां होने के कारण मंडी की मूलभूत समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
आरोप यह भी है कि प्रशासन ने सेस वसूली बढ़ाने के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की नियुक्ति कर राजस्व संग्रह पर विशेष जोर दिया है, लेकिन स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, नालों की सफाई, शौचालयों के रखरखाव और खाद्य सुरक्षा जैसे मुद्दों को समान प्राथमिकता नहीं मिल रही।
इस पूरे मामले को लेकर व्यापारी, बाजार से जुड़े लोग और नागरिक निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि वीडियो में दिख रहे आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मंडी में स्वच्छता व खाद्य सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।
