बाफना ज्वेलर्स द्वारा टीजेएसबी बैंक से 38 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी; मुख्य निदेशक गिरफ्तार
*नासिक :* शहर की प्रसिद्ध सर्राफा फर्म बाफना ज्वेलर्स के निदेशकों द्वारा मिलीभगत कर टीजेएसबी सहकारी बैंक के साथ करीब 38 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी किए जाने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सर्राफा फर्म में 59 करोड़ रुपये मूल्य का सोना, चांदी और हीरों का स्टॉक होने का फर्जी स्टेटमेंट प्रस्तुत कर बैंक से करोड़ों रुपये का ऋण लेने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में सरकारवाड़ा पुलिस ने मुख्य निदेशक *नीलेश सुभाष बाफना* को गिरफ्तार कर लिया है।
टीजेएसबी बैंक के प्रबंधक *सुहास विजय दंडवते* द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर *नीलेश बाफना, सुभाष लखीचंद बाफना, नम्रता नीलेश बाफना, प्रभावती सुभाष बाफना* तथा जमानतदार *कांतीलाल लखीचंद बाफना* और *सरला पारसमल बाफना* के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, बाफना ज्वेलर्स ने वर्ष 1998 से शरणपुर रोड शाखा से चरणबद्ध तरीके से 44 करोड़ रुपये तक का कैश क्रेडिट ऋण लिया था। मार्च 2025 से ऋण पर ब्याज का भुगतान बंद कर दिए जाने के कारण जून 2025 में खाते को एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित कर दिया गया।
वसूली प्रक्रिया के दौरान निदेशकों ने दुकान में मौजूद स्टॉक की जांच का विरोध किया। हालांकि, न्यायालय के आदेश के बाद 3 जून 2026 को कोर्ट कमिश्नर, मूल्यांकनकर्ता और पुलिस की उपस्थिति में दुकान का शटर तोड़कर जांच की गई। इस दौरान 59 करोड़ रुपये मूल्य का दावा किया गया स्टॉक वहां नहीं मिला। केवल चांदी की वस्तुएं और आभूषण मिले, जिनकी कुल कीमत 25 लाख 19 हजार 250 रुपये आंकी गई। इससे यह स्पष्ट हुआ कि फर्जी स्टेटमेंट के आधार पर बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई थी।
इस मामले की आगे की जांच आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक *संतोष नरुटे* कर रहे हैं।
नासिक से संदीप द्विवेदी की रिपोर्ट
