नॉर्वे दौरा पूरा कर इटली रवाना हुए पीएम मोदी, नॉर्डिक देशों के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने पर दिया जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने विदेश दौरे के अंतिम चरण में नॉर्वे से इटली के लिए रवाना हो गए। नॉर्वे से रवाना होने से पहले उन्होंने भारत और नॉर्डिक देशों के बीच व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।
ग्रीन टेक्नोलॉजी साझेदारी को बताया बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि व्यापार संबंध मजबूत हुए हैं और निवेश लिंकेज काफी गहरे हुए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत-नॉर्डिक समिट की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक भारत और नॉर्डिक देशों के संबंधों को ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन रणनीतिक साझेदारी तक विस्तारित करना है।
पीएम मोदी ने कहा कि यह साझेदारी इनोवेशन को भारत की क्षमता और प्रतिभा के साथ जोड़ेगी तथा सस्टेनेबिलिटी, भरोसेमंद तकनीक और मानवता के बेहतर भविष्य के लिए साझा प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाएगी।
नॉर्वे दौरे को बताया फायदेमंद
प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे यात्रा को बेहद फायदेमंद बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई।
उन्होंने कहा कि भारत-नॉर्डिक समिट में कई क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। पीएम मोदी ने नॉर्वे के लोगों, प्रधानमंत्री स्टोरे और नॉर्वे सरकार का गर्मजोशी और दोस्ती के लिए आभार भी व्यक्त किया।
व्यापार, निवेश और क्लाइमेट एक्शन पर फोकस
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत भविष्य में भी नॉर्डिक देशों के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने, सस्टेनेबल ग्रोथ, इनोवेशन, क्लाइमेट एक्शन और आर्कटिक क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करता रहेगा।
भारत-नॉर्डिक संबंधों में आई नई गति
इससे पहले तीसरे भारत-नॉर्डिक समिट को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि लोकतंत्र, कानून के शासन और बहुपक्षवाद के प्रति साझा प्रतिबद्धता भारत और नॉर्डिक देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाती है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में भारत और नॉर्डिक देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार चार गुना बढ़ा है, जबकि निवेश में लगभग 200 फीसदी की वृद्धि हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की विकास यात्रा ने न केवल व्यापार और निवेश को गति दी है, बल्कि नॉर्डिक देशों की अर्थव्यवस्थाओं में भी सकारात्मक योगदान दिया है और हजारों नई नौकरियां पैदा की हैं
