पीएम विश्वकर्मा योजना से 24 लाख से अधिक कारीगरों को मिला लाभ, कौशल और आय में हुआ सुधार : सरकार

केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के माध्यम से देशभर के 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल उन्नयन, ऋण सहायता, आधुनिक उपकरण, डिजिटल प्रोत्साहन और विपणन सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक 24.29 लाख से अधिक लाभार्थी बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं और योजना से उनकी आय तथा रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।
18 पारंपरिक व्यवसायों को मिला औपचारिक समर्थन
सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत 17 सितंबर 2023 को की गई थी। योजना का उद्देश्य अपने हाथों और पारंपरिक औजारों से काम करने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े कारीगरों और शिल्पकारों को समग्र सहायता प्रदान करना है। इनमें बढ़ई, नाव निर्माता, हथियार निर्माता, धातु शिल्पकार, टूल किट निर्माता, ताला निर्माता, स्वर्णकार, कुम्हार, मूर्तिकार एवं पत्थर शिल्पकार, मोची, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई और झाड़ू बनाने वाले, पारंपरिक खिलौना निर्माता, नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी तथा मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगर शामिल हैं।
प्रशिक्षण के बाद 93% लाभार्थियों की आय बढ़ी
सरकार ने बताया कि आईआईएम मुंबई द्वारा किए गए पीएम विश्वकर्मा योजना के समवर्ती मूल्यांकन में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 11,591 लाभार्थियों तथा बैंक अधिकारियों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), इंडिया पोस्ट कर्मियों और प्रशिक्षण केंद्रों सहित विभिन्न हितधारकों की प्रतिक्रिया शामिल की गई। अध्ययन के अनुसार, प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 93% लाभार्थियों ने अपनी आय में सामान्य से लेकर उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि कौशल प्रशिक्षण से उन्हें प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला।
कौशल उन्नयन के साथ मिल रही आधुनिक सुविधाएं
सरकार के अनुसार, सफलतापूर्वक पंजीकृत लाभार्थियों को तीन स्तरों की जांच के बाद योजना के सभी लाभ प्रदान किए जाते हैं। इनमें कौशल उन्नयन, ऋण सहायता, आधुनिक टूलकिट, डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा, विपणन सहयोग और उद्यमिता संबंधी प्रशिक्षण शामिल हैं। लाभार्थियों को आधुनिक उपकरणों, नवीन डिजाइनों, बेहतर कार्य-पद्धतियों और व्यवसाय विस्तार से संबंधित जानकारी भी दी जाती है।
उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म से औपचारिक अर्थव्यवस्था में जुड़ रहे कारीगर
योजना के तहत लाभार्थियों का पंजीकरण उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर भी किया जाता है, जिससे उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ, प्राथमिकता क्षेत्र के ऋण, व्यवसाय विस्तार, उपकरणों के आधुनिकीकरण और औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़ने के अवसर मिलते हैं। सरकार का कहना है कि इससे कारीगर आत्मनिर्भर बनने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
प्रदर्शनियों और मेलों के जरिए मिल रहा बाजार
सरकार ने बताया कि पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों को व्यापार मेलों, राज्य स्तरीय प्रदर्शनियों और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों के विपणन का अवसर दिया जा रहा है। अब तक देशभर में ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों सहित 1,500 से अधिक जागरूकता शिविर, 50 से अधिक कार्यशालाएं, 82 राज्य स्तरीय प्रदर्शनियां, 37 व्यापार मेले और 50 से अधिक फ्लैश मॉब आयोजित किए जा चुके हैं।
लोकसभा में सरकार ने दी जानकारी
यह जानकारी केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक कौशल, वित्तीय सहायता और बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।
