पीएम-एजेएवाई के 17,067 आदर्श ग्रामों में शिक्षा क्षेत्र के 2.65 लाख से अधिक एससी लाभार्थियों को मिला लाभ

केंद्र सरकार अनुसूचित जाति समुदाय के शैक्षिक और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (पीएम-एजेएवाई) लागू कर रही है। योजना के तहत आदर्श ग्राम, अनुदान-सहायता और हॉस्टल निर्माण/मरम्मत जैसे घटक शामिल हैं। 29 जुलाई 2026 तक पीएम-एजेएवाई के आदर्श ग्राम घटक के तहत कुल 17,067 गांवों को आदर्श ग्राम घोषित किया गया है, जहां शिक्षा के क्षेत्र में 2,65,509 लाभार्थियों को शामिल किया गया है। केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने लोकसभा में श्री राव राजेंद्र सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर विकास
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि आदर्श ग्राम घटक के तहत शिक्षा समेत 10 क्षेत्रों में विकास कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का आकलन 50 सामाजिक-आर्थिक संकेतकों के आधार पर किया जाता है। योजना का उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों के शैक्षिक परिणाम बेहतर करने और सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है।
एससी छात्रों के लिए हॉस्टल निर्माण को केंद्रीय सहायता
पीएम-एजेएवाई के हॉस्टल घटक के तहत अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए नए हॉस्टल बनाने के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और संस्थानों को केंद्रीय सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य खासकर आकांक्षी जिलों, एससी बहुल ब्लॉकों और देश के अन्य हिस्सों में साक्षरता बढ़ाना तथा स्कूलों और उच्च शिक्षण संस्थानों में दाखिले को प्रोत्साहित करना है।
पांच साल में 90 हॉस्टलों को मंजूरी
पिछले पांच वित्तीय वर्षों यानी वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 के दौरान पीएम-एजेएवाई के तहत 90 हॉस्टलों को मंजूरी दी गई। इन हॉस्टलों से अनुसूचित जाति के 10,649 छात्रों को लाभ मिला है। इसी अवधि में एससी छात्रों के लिए हॉस्टल निर्माण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 198.50 करोड़ रुपए जारी किए गए।
छात्रावासों में सुरक्षा और बेहतर सुविधाओं पर जोर
पीएम-एजेएवाई के दिशा-निर्देशों में हॉस्टलों में बेहतर गुणवत्ता, सुरक्षा और सुगम पहुंच सुनिश्चित करने के प्रावधान किए गए हैं। लड़कियों के हॉस्टलों में 24 घंटे महिला वार्डन और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का प्रावधान है। इसके अलावा इन-हाउस कोचिंग, चिकित्सा देखभाल, स्वास्थ्य शिविर, आईटी शिक्षा और खेलों की कोचिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।
दिव्यांग छात्रों के लिए सुगम पहुंच
योजना के तहत हॉस्टल परिसरों में दिव्यांग छात्रों के लिए बिना रुकावट पहुंच सुनिश्चित करने का भी प्रावधान है। इसका उद्देश्य आवासीय सुविधाओं को अधिक समावेशी बनाना और अनुसूचित जाति के छात्रों को शिक्षा के लिए सुरक्षित तथा अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है।
