छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार, अनुसूचित जाति के 1.44 करोड़ से अधिक छात्रों को मिला लाभ

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने अनुसूचित जाति (अजा), अन्य पिछड़ा वर्ग (अपिव) और आर्थिक पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) के छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और शैक्षिक सहायता योजनाओं का विस्तार करने के साथ प्रक्रियाओं में कई सुधार किए हैं। मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत 1.44 करोड़ से अधिक अनुसूचित जाति के छात्रों को 12,773 करोड़ रुपए की सहायता दी गई है, जबकि अपिव और ईबीसी के 1.01 करोड़ से अधिक छात्रों को 2,445.05 करोड़ रुपए की छात्रवृत्ति मिली है।
छात्रवृत्ति योजनाओं का बढ़ा दायरा
मंत्रालय के अनुसार, इन पहलों का उद्देश्य वंचित समुदायों के छात्रों के लिए शिक्षा तक पहुंच को मजबूत करना और वित्तीय बाधाओं को कम करना है। साथ ही, योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर भी जोर दिया गया है।
अपिव और ईबीसी छात्रों को भी बड़ी सहायता
मैट्रिक-पूर्व और मैट्रिक-पश्चात छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत अपिव और ईबीसी समुदायों के 1.01 करोड़ से अधिक छात्रों को 2,445.05 करोड़ रुपए की सहायता मिली है। मंत्रालय ने इसे समावेशी शिक्षा और वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।
श्रेष्ठ में प्रवेश प्रक्रिया हुई समयबद्ध
लक्षित क्षेत्र उच्च विद्यालय छात्र आवासीय शिक्षा योजना (श्रेष्ठ) के तहत श्रेष्ठ (NETS) परीक्षा कार्यक्रम को मई से दिसंबर तक आगे बढ़ाया गया है। इसका उद्देश्य समय पर काउंसलिंग और प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराना, प्रक्रिया को शैक्षणिक कैलेंडर के अनुरूप बनाना और देरी तथा बीच में पढ़ाई छोड़ने की समस्या को कम करना है।
शैक्षणिक चक्र के अनुरूप मिलेगा प्रवेश
संशोधित कार्यक्रम से पात्र छात्रों को निर्धारित शैक्षणिक चक्र के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने और बिना व्यवधान के अपनी पढ़ाई शुरू करने में मदद मिलेगी। इससे छात्रों को समय पर संस्थानों में दाखिला मिलने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति में सत्यापन मजबूत
दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने और धोखाधड़ी वाले दावों को रोकने के लिए शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति योजना में आय और जाति प्रमाण पत्रों के ऑन-द-स्पॉट सत्यापन की व्यवस्था शुरू की गई है। इसमें संबंधित जारी करने वाले अधिकारियों से प्रमाण पत्रों का सत्यापन किया जाता है।
वास्तविक और पात्र छात्रों तक पहुंचे लाभ
मंत्रालय के अनुसार, यह व्यवस्था चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने में मदद करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक वास्तविक तथा पात्र उम्मीदवारों को ही छात्रवृत्ति का लाभ मिले।
राष्ट्रीय फेलोशिप में शिकायत के लिए समयसीमा
अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए राष्ट्रीय फेलोशिप योजना के तहत शैक्षणिक वर्ष 2025-26 से यूजीसी-नेट और संयुक्त सीएसआईआर-यूजीसी नेट के परिणाम घोषित होने के बाद सात दिनों की अनिवार्य शिकायत विंडो शुरू की गई है।
शिकायतों के समयबद्ध समाधान पर जोर
निर्धारित शिकायत विंडो छात्रों को तय समयसीमा के भीतर किसी भी विसंगति की जानकारी देने का अवसर देती है। इससे शिकायतों के समय पर समाधान, जवाबदेही और फेलोशिप चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।
छात्र-केंद्रित शिक्षा सहायता तंत्र पर जोर
मंत्रालय ने कहा कि विस्तारित वित्तीय सहायता और प्रक्रिया आधारित सुधारों के माध्यम से अधिक समावेशी, कुशल और छात्र-केंद्रित शैक्षिक सहायता तंत्र तैयार किया जा रहा है। इन उपायों का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और शैक्षणिक उन्नयन के अवसरों तक समान पहुंच के जरिए वंचित समुदायों को सशक्त बनाना है
