बड़ी खबर रामपुर।
*जौहर यूनिवर्सिटी मामले में आजम खान पर फिर FIR, ED की रिपोर्ट पर अजीम नगर थाने में गबन का केस दर्ज।
रामपुर के बहुचर्चित जौहर यूनिवर्सिटी मामले में पूर्व सांसद मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर थाना अजीम नगर में नई FIR दर्ज की गई है।
*FIR
*धारा – BNS 61, 316(5), 318(4) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 7, 13(1)(d), 13(2)*
*ED ने क्या बताया है?*
ED ने अपनी ECIR No. ECIR/07/LKZO/2019 की जांच के बाद PMLA की धारा 66(2) के तहत UP पुलिस को जानकारी साझा की है। ED के अनुसार:
1. जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण 2012 में हुआ, जिसके फाउंडर आजम खान हैं और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट इसे चलाता है। ट्रस्ट पर आरोप है कि आजम खान ने अकेले ही ट्रस्ट को कंट्रोल किया, बाकी सदस्य सिर्फ डमी थे।
2. इनकम टैक्स से मिली वैल्यूएशन रिपोर्ट के मुताबिक यूनिवर्सिटी कैंपस में भवनों की निर्माण लागत *494.46 करोड़ रुपये* है, जबकि ट्रस्ट ने 2013-14 से 2024-25 तक अपने ITR में कुल पूंजीगत खर्च सिर्फ *78.32 करोड़* दिखाया है। यानि लगभग *416.14 करोड़ का हिसाब नहीं मिल रहा।*
3. ED के मुताबिक ये पैसा सरकारी ठेकों से डायवर्ट हुआ। ठेकेदार पवन कुमार जैन (Ceekay Associates) ने अपने बयान में माना है कि 2013-14 से 2016-17 के बीच आजम खान के प्रभाव से करीब 186 करोड़ के सरकारी ठेके लिए और उसका 30% (55.8 करोड़) माल यूनिवर्सिटी में लगा दिया।
4. जल निगम की CDS यूनिट-18 ने भी सरकारी आदेश पर यूनिवर्सिटी कैंपस में पंडाल, OBC बॉयज हॉस्टल और हॉस्पिटल बनाया, जिसके लिए सरकार ने 23.41 करोड़ जारी किए थे। बाद में पंडाल का मालिकाना हक सरकार से लेकर प्राइवेट यूनिवर्सिटी को दे दिया गया।
5. ट्रस्ट को फर्जी डोनेशन भी मिला – एक ठेकेदार M/s A S Enterprises जिसने 25 करोड़ का ठेका लिया, उसने ट्रस्ट को 40 लाख का दान दिया।
इन्हीं बिंदुओं पर अब अजीम नगर पुलिस ने आजम खान, जौहर ट्रस्ट, एस.एस. एंड एस इंटरप्राइजेज, एस.एस चिके एसोसिएट और अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
*रिपोर्टर परवेज़ अली रामपुर यूपी,,
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